चमत्कार! 30 साल से घर के अंदर जिंदा था परिवार का गुम हुआ कछुआ, पूरा घर ढूंढा लेकिन नहीं मिला, अब ऐसे मिला
रियो डि जेनेरो, 08 जून: अगर किसी इंसान की कोई छोटी सी चीज कहीं गुम हो जाए तो वो उसे जब तक ढूंढने की कोशिश करता है, जब तक उसे ना मिले। और अगर फिर भी उसके हाथ ना लगे तो वो उम्मीद छोड़कर उसे भूल जाता है, लेकिन सोचो अगर किसी का पालतू कछुआ अगर उसे खोने के 30 साल बाद मिले, वो भी उसी घर में जहां वो रहता था तो उस शख्स या परिवार की क्या भावनाएं होंगी। ऐसा ही कुछ हुआ है, ब्राजील में रहने वाले एक परिवार के साथ। परिवार का एक पालतू कछुआ करीब तीस साल पहले घर में गुम हो गया था, काफी खोजबीन और मशक्कत के बाद भी जब कछुआ नहीं मिला, तो फैमिली ने उसको खोजना बंद कर दिया, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि अचानक वो ही कछुआ उनकी आंखों के सामने आ गया। कछुए के वापस आने पर फैमिली के लोग भी हैरान हैं कि आखिर ऐसा कैसे हुआ।

1982 में घर से गायब हो गया था कछुआ
30 साल बाद घर में कछुए के मिलने का यह हैरान कर देने वाला मामला ब्राजील के रियो डि जेनेरो शहर से सामने आया है, जहां एक परिवार को उनका पालतू कछुआ 30 साल के लंबे वक्त के बाद फिर से मिल गया। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक मैनुएला (Manuela) नाम का कछुआ साल 1982 में घर से गायब हो गया था, जिसके बाद परिवार के लोगों ने उसको काफी खोजा, उसको लेकर काफी परेशान हुए, लेकिन लंबी चली खोज के बावजूद वो नहीं मिला। इस परिवार को लगा कि घर में बिजली का काम करते समय कारीगरों ने सामने का दरवाजा खुला छोड़ दिया था, जहां से निकल कछुआ वापस कभी नहीं लौटा और गुम हो गया।

दादा की मौत के बाद पहुंचे पुराने घर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नथाली ने अपनी मां से मैनुएला नाम के एक प्यारे पालतू कछुए के बारे में कहानियां सुनीं, जिसे उसने 1980 के दशक की शुरुआत में एक बच्चे के रूप में रखा था। लेकिन 1982 में एक दिन जब नथाली की मां सिर्फ 8 साल की थी, तक मैनुएला लापता हो गई। उस समय परिवार ने मान लिया कि कछुआ घर से भटक गया है, फिर कभी नहीं देखा जाएगा। हाल ही में जब परिवार के मुखिया और नथाली के दादा का निधन हुआ तो परिवार पुराने घर में जाकर साफ सफाई करने लगा, जहां 30 साल बाद उनको उनका कछुआ मिल गया।

घर के अंदर इस जगह मिला कछुआ
दरअसल, नथाली के दादाजी अपने पीछे एक बहुत ही अव्यवस्थित अटारी छोड़ गए थे, और जैसे ही कमरा साफ किया गया और उनकी चीजें छंटाई के लिए बाहर निकली, किसी ने कुछ अजीब देखा। वहां, एक पुराने लकड़ी के स्पीकर के बॉक्स में एक कछुआ था, जिसे उन्होंने पहचान लिया। कछुए के मिलने पर नथाली ने बताया कि "हम चौंक गए! मेरी मां रोती हुई आई क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि मैनुएला मिल गया"

30 सालों तक ऐसे जिंदा रहा कछुआ!
मैनुएला को पाकर परिवार पूरी तरह से रोमांचित था। हालांकि जहां 30 साल बाद अपने कछुए की मिलने की परिवार को खुशी थी तो इस बात भी हैरत थी कि आखिर 3 दशकों तक कछुआ कैसे जिंदा रहा। ऐसे अनुमान लगाया गया कि कछुआ घर के बेसमेंट में पड़ी लकड़ियों के दीमक और कीड़े-पतंगे खाकर जिंदा रहा होगा। इसके बाद जब फैमिली ने उसका चेकअप करवाया तो जांच में उनको पता चला कि वो नर है, जबकि परिवार के लोग उसे मादा कछुआ समझते थे।

कछुए का बदला नाम
ऐसे जब परिवार को उसके बारे में पता लगा कि वो नर है तो उसका नाम भी बदलकर मैनुएल कर दिया। नथाली ने 'द डोडो' को बताया कि मैनुएल बहुत अच्छा है और काफी बड़ा हो गया है, मैं उसे अपने साथ रहने के लिए ले आई हूं, क्योंकि मुझे उससे बहुत लगाव है। हालांकि बेसमेंट के अंदर इतने सालों के बाद भी मैनुएल और उसकी खोज के बारे में अभी भी बहुत सारे सवाल मिलते हैं, जिनमें से कई का जवाब देना मुश्किल है।

255 साल तक जीवित रह सकता है कछुआ
आपको बता दें कि एक कछुआ 255 साल तक जीवित रह सकता है और लगभग तीन साल तक बिना भोजन और पानी के जिंदा रह सकता है। दुनिया के सबसे उम्रदराज कछुए का नाम जोनाथन है, जो वर्तमान में सेंट हेलेना के दक्षिण अटलांटिक द्वीप पर रहता है। 1832 में जन्मा जोनाथन इस साल 190 साल का हो गया है। ऐसे में जोनाथन दुनिया का सबसे लंबा जिंदगी जीने वाला जानवर बन गया है।
Photo Credit- FaceBook












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