सिगरेट कंपनी के लिए साबित हुई 'धूम्रपान हानिकारक', देना पड़ेगा 14 खरब का हर्जाना

लेकिन कभी यह धूम्रपान, सिगरेट बनाने वाली कंपनी के लिए कितना हानिकारक सिद्ध हो सकता है, इसका ताजा उदाहरण अमेरिका में सामने आया है।
जी हां, अमेरिकी अदालत ने देश की दूसरी सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी को धूम्रपान करने वाले एक व्यक्ति की पत्नी को 23.6 अरब डॉलर यानी 14.26 खरब रूपए का मुआवजा देने का आदेश सुनाया है।
माइकल जॉनसन चेन स्मोकर था, और 1996 में इसकी फेफड़ों के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। उसकी पत्नी सिंथिया रॉबिनसन ने 2008 में सिगरेट बनाने वाली कंपनी पर यह मानते हुए केस दायर कर दिया कि उसने अपने उत्पाद से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान और इसकी लत बनाने वाली प्रकृति के बारे में आगाह नहीं किया।
लिहाजा, फ्लोरिडा की एक अदालत ने आरजे रेनॉल्ड्स को 14.26 खरब रूपए का हर्जाना चुकाने का आदेश दिया। चार हफ्ते तक चले कार्रवाई के दौरान रॉबिन्सन के वकीलों ने बहस में तर्क दिया कि आरजे रेनॉल्ड्स ने तंबाकू उपभोग के खतरों से उपभोक्ताओं को वाकिफ कराने में लापरवाही बरती है।
वहीं, कंपनी के एक अधिकरी ने अदालत के इस फैसले को तर्कसंगतता और निष्पक्षता से परे माना है। कंपनी ने अदालत के इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने की बात कही है।












Click it and Unblock the Notifications