CG: PM Modi की इस योजना में ठेकेदारों ने किया भ्रष्टाचार, 150 बैगा परिवार झोपड़ियों में रहने को मजबूर
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में जनपद पंचायत पंडरिया के ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना में ठेकेदार ही ग्रामीणों का हक मारने में लगे हैं। ठेकेदार हितग्राहियों के खातों से राशि लेकर आवास का निर्माण कार्य अधू
कवर्धा, 10 सितम्बर। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देशभर में गरीबो को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में जनपद पंचायत पंडरिया के विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना में ठेकेदार ही ग्रामीणों का हक मारने में लगे हैं। ठेकेदार हितग्राहियों के खातों से राशि लेकर आवास का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ रहें हैं। जो गरीब बैगा आदिवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

चार साल से निर्माण कार्य अधूरा
कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक के कुकदूर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब चार साल पहले 250 ग्रामीणों को आवास स्वीकृत किया गया था। जिसमें 150 से ज्यादा बैगा परिवार व अन्य ग्रामीणों के मकान 4 साल से अधूरे पड़े हैं। आवास के लिए मिली राशि को बिचौलिए और ठेकेदार हितग्राहियों से लेकर फरार हैं। अब आक्रोशित हितग्राहियों ने कलेक्टर से इसकी शिकायत कर दी है।

10 रुपए के स्टाम्प में की शिकायत
ठेकेदारों से परेशान पीड़ित परिवारों ने 10 रुपए का स्टाम्प पर धोखाधड़ी होने का शपथ पत्र बनाकर कलेक्टर से शिकायत की थी। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने इस पर गंभीरता दिखाई और पंडरिया जनपद सीईओ समेत 3 सदस्यीय टीम बनाकर जांच करने निर्देश दिए। जनपद पंचायत द्वारा गठित जांच दल मौके पर जाकर उपस्थित शिकायतकर्ताओं से जानकारी ली गई। जिसमें पाया गया कि ग्राम पंचायत बिरहुलडीह, सेंदुरखार, कांदावानी के बैगा आदिवासियों के आवास निर्माण का कार्य हितग्राहियों द्वारा ठेकेदार को दिया गया था। ठेकेदार द्वारा राशि प्राप्त करने के बाद भी आवास निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया जा रहा था।

6 ठेकेदारों पर दर्ज कराया अपराध
जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर पंडरिया जनपद के सीईओ ने कुकदूर थाने में 6 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी ठेकेदारों में से कुछ मध्यप्रदेश के सीमावर्ती गांव के रहने वाले हैं, जो यहां भोले भाले बैगा परिवारों को मकान बनाकर देने का झांसा देकर राशि हड़प लिए। जानकारी के मुताबिक आरोपी ठेकेदारों में काशीराम बैगा, धुंध राम माठले, बसंत पानिक, रामेश्वर प्रसाद जायसवाल, पनसरिय, संतोष सिंह गोंड निवासी तुकाटोला जिला डिंडौरी (मध्यप्रदेश) शामिल है।

खपरैल व बांस के झोपड़ियों में रहने मजबूर
PM आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए ग्रामीणों ने अपने आवास तोड़ दिया और निर्माण कार्य शुरू करवाया लेकिन आवास का निर्माण अधूरा होने से ग्रामीण अब बांस व खपरैल के झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। बारिश और गर्मी में परिवार के साथ इस स्थिति में कई मुशीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

150 से अधिक बैगा परिवारों के आवास हैं अधूरे
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के जरिए क्षेत्र बैगा परिवारों को चार साल पहले मकान स्वीकृत हुआ था। लेकिन 150 से अधिक बैगा परिवार व अन्य हितग्राहियों से आरोपी ठेकेदारों ने खुद व दलालों के जरिए पीएम आवास का पैसा लेने के बाद भी काम को अधूरा छोड़ दिया। कुल 17 ऐसे ठेकेदार हैं, जिनके खिलाफ शिकायत हुई है। अधूरे आवासों की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर अन्य ठेकेदार पर भी कार्रवाई होगी।












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