धौलपुर कलेक्टर आरके जायसवाल, बीकानेर UIT के पूर्व चेयरमैन को एक माह का सिविल कारावास
बीकानेर, 3 नवंबर। भूमि विवाद के मामले में धौलपुर जिला कलेक्टर आरके जायसवाल और बीकानेर यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका के खिलाफ कार्रवाई है। इनको भूमि विवाद से जुड़े अवमानना केस में बीकानेर की अदालत ने एक माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एक जमीन पर रोक के बावजूद नीलामी के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशन करवाने को कोर्ट ने अवमानना माना है। उस वक्त आरके जायसवाल बीकानेर यूआईटी के सचिव और महावीर रांका चेयरमैन हुआ करते थे।
बता दें कि सिविल कारावास भी एक तरह से कोर्ट द्वारा अभियुक्त को जेल भेजना ही होता है। इसमें बस फर्क है कि सिविल कारावास के दौरान बंदी से जेल में अन्य कैदियों की तरह श्रम नहीं करवाया जाता है।
दरअसल, 13 सितम्बर 2017 को जमीन विवाद के चलते अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश कख संख्या दो बीकानेर ने एक अंतरिम आदेश दिया था। 13 सितम्बर 2017 को मघाराम उर्फ मेघराज आदि बनाम नगर विकास न्यास आदि के प्रकरण में अदालत ने अंतरिम निषेधाज्ञा, यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। विवादित जमीन का गंगाशहर पुलिस थाना रिसिवर है। उक्त आदेश की पालना करने के बजाय तत्कालीन सचिव आरके जायसवाल और तत्कालीन अध्यक्ष नगर विकास न्यास महावीर रांका ने निलामी के लिए विज्ञापन प्रकाशित करवाया।












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