नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में लाए गए 8 चीतों के भोजन पर नाराज क्यों हो गया बिश्नोई समाज?
बीकानेर, 19 सितम्बर। इन दिनों देश में वो आठ चीता छाए हुए हैं, जो नामीबिया से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी (Kuno National Park) में छोड़ गए हैं। इन चीतों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर बिश्नोई समाज नाराज हो गया है। समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इन चीता के भोजन को लेकर फैसला बदलने की मांग की है।

नरसिंहगढ़ चिड़ीखो अभ्यारण से भेजे 181 चीतल
दरअसल, नामीबिया से लाए 8 चीतों की भूख मिटाने के लिए राजगढ़ वन मंडल में स्थित नरसिंहगढ़ चिड़ीखो अभ्यारण से 181 चीतल कूनो नेशनल पार्क में भेजे गए हैं। इस पर अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा मुक्तिधाम मुकाम नोखा बीकानेर राजस्थान ने नाराजगी जताई है। महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर लिखा कि भारत के वनों में विलुप्त प्रजाति चीता को पुनर्स्थापित करने के लिए नामीबिया से लाकर 8 चीतों को छोड़ा गया है। उनको भोजन में चीतल, हिरण इत्यादि परोसे जाएंगे। इस बात से बिश्नाई समाज बहुत आहत है।

वनों की रक्षा के लिए 363 ले दिया बलिदान
पत्र में यह भी लिखा है कि बिश्नोई समाज अपने आराध्य गुरु जम्भेश्वर भगवान के बताए सिद्धांतों पर चलते हुए पिछली पांच शताब्दियों से पर्यावरण, प्रकृति और वन्य जीवों की रक्षा कर रहा है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा समाज है, जो वृक्षों और वन्य जीवों के लिए बलिदान देता आया है। इनकी रक्षा के लिए समाज के 363 लोगों ने बलिदान दिया है।

पीएम मोदी से की मांग
बिश्नोई समाज ने प्रधानमंत्री पीएम से मांग की है कि राजस्थान में विलुप्त होती इस प्रजाति को बचाया जाए। समाज की भावनाओं और गुरु जम्भेश्वर भगवान के जीव दया सिद्धांत का सम्मान करते हुए चीतों के लिए चीतल परोसने के फैसले पर पुनर्विचार कर अवैधानिक और संवेदनहीन आदेश को निरस्त किया जाए।

क्या कहते हैं वन अधिकारी?
नरसिंहगढ़ वन परिक्षेत्र के अधिकारी गौरव गुप्ता के मुताबिक राजगढ़ वन मंडल में स्थित नरसिंहगढ़ चिड़ीखो अभ्यारण से 181 चीतल कूनो नेशनल पार्क में भेजे गए हैं। इसके अलावा 245 चीतल गांधी सागर अभ्यारण में वर्ष 2021 में भेजे गए थे। 9 चीतल देवास के सिवनी में भेजे गए हैं।

जंगल में पीएम मोदी ने छोड़े चीता
17 सितम्बर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 72वें जन्मदिन के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वन्यजीव विशेषज्ञों की उपस्थिति में इन चीतों को 10 किमी में फैले एक बाड़े में छोड़ दिया। कूनो नेशनल पार्क के स्पेशल बाड़े में छोड़ने के बाद चीता 30 दिनों तक इसी विशेष बाड़े में रहेंगे। इस दौरान उनकी सेहत पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद इन्हें जंगल में छोड़ा जाएगा।
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