Bijnor: जेल के बाहर फायरिंग! जिसे मारने आए थे वो बच गया, बदमाश ने अपने साथी को ही ठोक दिया
'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय', ये पंक्ति उस वक़्त जीवित हो उठी जब दो बदमाशों ने योजना बद्ध तरीके से बिजनौर जेल से बाहर आए एक युवक को जान से मारने के मकसद से ताबड़तोड़ फायरिंग कर डाली। लेकिन अंधेरे में रिहा हुआ युवक बदमाशो की गोली से बच गया, जबकि एक बदमाश की गोली से दूसरा बदमाश ढेर हो गया।
हालांकि, इस फायरिंग में जेल के गेट पर तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी करके एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही जेल से रिहा हुए युवक को भी दोबारा हिरासत में ले लिया। पुलिस दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रही है।

जेल गेट पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
दरअसल, ये तस्वीरें बिजनौर के जिला कारागर के गेट की है। यहां किरतपुर का रहने वाला राजन जेल में बंद था। शुक्रवार को उसकी जमानत मंजूर हुई थी। इस बात से अंजान कि जेल के बाहर दो बदमाश उसकी फ़िराक में बैठे हैं, राजन शाम को रिहा होकर जेल से बाहर आने वाला था। शाम हुई और करीब 8:15 बजे राजन जेल गेट से जैसे ही बाहर निकला तभी दोनों बदमाशों ने उसपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बदमाश ने अपने साथी को ही कर दिया ढेर
घटना को अंजाम देने के लिए अमरोहा जनपद का रहने वाले बदमाश विशाल व बिजनौर के रहने वाले बदमाश रौनक ने योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग लोकेशन ले ली थी। उधर फायरिंग होते ही वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने किसी तरह से राजन को बचाया। साथ ही आरोपियों को पकड़ना चाहा। इसी बीच, एक बदमाश रौनक की गोली उसी के साथी बदमाश विशाल को लग गई। इसके बाद पुलिस ने रौनक को पकड़ लिया। विशाल को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दो पुलिसकर्मी भी हुए घायल
वहीं, इस घटना में जेल के हवलदार रंजीत सिंह व जिला पुलिस के सिपाही राजीव भी घायल हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद जिला जेल के गेट पर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। साथ ही सूचना पर एसपी नीरज कुमार जादौन, एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीन रंजन सिंह और सीओ नजीबाबाद गजेंद्र पाल सिंह के साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दो तमंचे व कारतूस भी बरामद किए हैं।
बदला लेने के लिए दिया वारदात को अंजाम
घटना के बाद पुलिस ने रौनक और राजन से पूछताछ की तब वारदात की वजह सामने आई। राजन ने कुछ ही समय पहले रौनक के साथी हर्षित चिकारा के घर पर फायरिंग कर दी थी। इसी का बदला लेने के लिए रौनक ने अपने साथी विशाल के साथ मिलकर राजन को मारने की योजना बनाई थी।
सूत्रों की मानें तो राजन व हमलावर रौनक दोनों एक ही रचित गैंग के लिए काम करते थे। ये गैंग लोगों से लूटपाट करता था। पिछले कुछ समय से राजन और रौनक में रंजिश चल रही थी। पिछले दिनों राजन ने अलग गैंग बना लिया था। इसी कारण दोनों में रंजिश और बढ़ने लगी।

इस मामले में जेल में बंद था राजन
आपको बताते चलें कि बीती 1 जून को किरतपुर क्षेत्र में मौलाना जोहर कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड पर राजन ने फायरिंग कर दी थी। इसी मामले में राजन 13 जून को जेल भेजा गया था। 17 दिनों से राजन जेल में ही था। 30 जून को वह जमानत पर छूटा था। बता दें कि रचित गैंग के सरगना रचित की मौत लगभग ढाई साल पहले हो चुकी है। झालु इलाके में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, लेकिन उसका गैंग अभी भी सक्रिय बताया जा रहा है। एसपी ने बताया कि विशाल पर कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, इनके गैंग के बारे में जांच की जा रही है।












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