तेजप्रताप के बयान पर यादव परिवार ने साधी चुप्पी, क्या लालटेन की रौशनी धीमी करेंगे तेज ?
राजद के प्रमुख के बड़े बेटे तेज प्रताप ने इस्तीफे का ऐलान कर बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है। लेकिन इस बार तेज प्रताप यादव का दांव उन्हीं पर भारी पड़ता नज़र आ रहा है।
पटना, 26 अप्रैल 2022। राजद के प्रमुख के बड़े बेटे तेज प्रताप ने इस्तीफे का ऐलान कर बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है। लेकिन इस बार तेज प्रताप यादव का दांव उन्हीं पर भारी पड़ता नज़र आ रहा है। हालांकि यादव परिवार ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। तेज प्रताप को न तो राबड़ी देवी मनाने की कोशिश कर रही हैं और ना ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कोई रुचि दिखा रहे हैं। इस पूरे मामले का हल अब पटना की बजाए दिल्ली से होगा। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ही तेज प्रताप के मामले को हल करेंगे।

तेज प्रताप यादव पर लगे गंभीर आरोप
तेज प्रताप यादव पर युवा आरजेडी के महानगर अध्यक्ष रामराज यादव ने सोमवार को गंभीर आरोप लगाया था। उन्होने कहा था कि तेज प्रताप यादव ने राबड़ी आवास के कमरे नंगा कर के पीटा था। राबड़ी आवास में इफ्तार पार्टी के आयोजन के दिन ही इस घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद ही राजद दफ़्तर में रामराज यादव ने इस्तीफा सौंप दिया था। तेजस्वी यादव से राबड़ी आवास पर मुलाक़ात कर अपनी बात रखी थी। इन सब प्रकरण के बाद ही तेज प्रताप यादव ने कहा था कि जगदानंद सिंह ( राजद, प्रदेश अध्यक्ष), संजय यादव (तेजस्वी यादव के सलाहकार) और सुनील कुमार सिंह (एमएलसी) उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफ़ा देने की बात भी कही थी। सारे मामले पर लालु यादव ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए रिपोर्ट तलब की है।

तेज प्रताप यादव पर लगे आरोपों पर लालु यादव सख़्त
राजद सुप्रीमो लालु प्रसाद यादव इस सारे प्रकरण में तेज प्रताप यादव पर लगे आरोपों को लेकर सख्त नज़र आ रहे हैं। चर्चा है कि तेज प्रताप यादव आज (मंगलवार) दिल्ली में लालु यादव से मुलाकात कर इस्तीफ़ा देने जा रहे थे। लेकिन लालु यादव का रुख देखते हुए उन्होंने दिल्ली दौरा रद्द कर दिया अभी फिल्हाल वह पटना में ही बने हुए हैं। सूत्रों की मानें तो तेज प्रताप यादव राष्ट्रीय जनता दल की कमान अपने हाथों में लेने की सोच रहे हैं यही वजह है कि वह प्रेशर पॉलिटिक्स कर अपनी अहनियत बनाए रखना चाहते हैं। हाल ही में हुई इफ़्तार पार्टी में तेजप्रताप यादव ने घर आए मेहमानों की खुद से मेज़बानी करते हुए नज़र आए थे। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बगल में बैठ कर खुद की अलग छवि बनाने की कोशिश की भी थी। इसके साथ ही उन्होंने एक बयान में कहा था कि मेरे और चाचा के बीच में सीक्रेट बातें हुई हैं जिसका मीडिया में खुलासा नहीं करूंगा।

लालटेन की रौशनी धीमी कर सकते हैं तेज प्रताप
तेजप्रताप ने मीडिया से रूबरू होते हुए बिहार में बिहार में खेल होने का भी दावा किया। तेज प्रताप की बयानबाज़ी के बाद से ही बिहार की सियासत में अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है, कई तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में तेज प्रताप यादव के पिछली बयानबाज़ी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। पिछली बार जब तेज प्रताप यादव ने अपने परिवार के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद किया था तो कई भाजपा नेताओं ने उनके समर्थन में बयानबाज़ी की थी। दरअसल 2021 छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को पद से हट दिया गया था। जिसके बाद तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव और जगदानंद सिंह सहित कई पार्टी नेतां पर गंभीर आरोप लगाए थे। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी ने इशारों-इशारों में तेज प्रताप को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर तक दे दिया था। अब फिर से सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि अगर तेज प्रताप यादव को पार्टी में सही सम्मान नहीं मिला तो वह अपनी पार्टी को ही नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक तरह से कह लीजिए की तेज प्रताप यादव ही लालटेन की रौशनी को धीमी कर सकते हैं।
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