नीतीश-लालू को देंगे कड़ी टक्कर! जानें कौन हैं सम्राट चौधरी, जिन्हें बिहार की कमान देकर भाजपा ने चला है दांव
Samrat Chaudhary Bihar Bjp President: सम्राट चौधरी ने इस एलान के बाद अपने ट्विटर अकाउंट पर वीडियो के माध्यम से भाजपा आलाकमान को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी को वह बखूबी निभाएंगे।

Bihar Bjp New President: भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा सियासी दांव चल दिया है। सम्राट चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही संजय जायसवाल की छुट्टी हो गई है। सम्राट चौधरी को बिहार की कमान सौंपने के पीछे भाजपा की बड़ी रणनीति है चाहे वह जातीय समीकरण के मामले में हो या बूथ मैनेजमेंट के लिहाज से। सम्राट चौधरी एक सख्त मिजाज नेता माने जाते हैं। कई बार विधानसभा में मजबूती से भाजपा का पक्ष रखते नजर आएं हैं। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं सम्राट चौधरी जिनपर 2024 के लोकसभा से पहले भाजपा ने जताया है भरोसा...
कौन हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) उर्फ राकेश कुमार एक राजनेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से विधान परिषद के सदस्य हैं। चौधरी बिहार राज्य के लिए भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में 2019 में अपना पहला कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2020 में एमएलसी के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। उन्हें एक प्रखर वक्ता के रूप में भी जाना जाता है। विरोधी पार्टी के खिलाफ जमकर बोलने और निशाना साधने में माहिर हैं। सम्राट चौधरी इस समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। उनका प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
सीएम नीतीश के वोट बैंक में कर सकते हैं सेंधमारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछड़े वर्ग जाति के वोटबैंक में सेंध लगाने की तैयारी में है और संजय जायसवाल की जगह सम्राट चौधरी को बिहार की कमान सौंपना इसी कड़ी में उठाया गया एक कदम है।
राजनीतिक परिवार और कोइरी जाति से ताल्लुकात रखतें हैं सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) कोइरी जाति से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय तक वे बीजेपी का ओबीसी चेहरा रहे हैं। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनकी माता का नाम पार्वती देवी और पिता का नाम शकुनी चौधरी है। उनका पैतृक गांव मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड के लखनपुर में है। सम्राट राजनेताओं के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। सम्राट के पिता श्री शकुनि चौधरी सात बार विधायक एवं सांसद रहे हैं तथा माता पार्वती देवी तारापुर (विधानसभा क्षेत्र) से विधायक रही हैं। स्कूली जीवन के बाद, उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
राजनीतिक जीवन
सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुए। 19 मई 1999 को उन्हें राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्होंने 2000 और 2010 में परबत्ता (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र) से चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए। 2010 में उन्हें बिहार विधान सभा में विपक्षी दल का मुख्य सचेतक बनाया गया। 2 जून 2014 को, उन्होंने बिहार सरकार में शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री के रूप में शपथ ली और कार्यभार संभाला।
जून 2017 में भाजपा में शामिल हो गए
जून 2017 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए समाप्त हो गया। 2018 में, उन्हें भारतीय जनता पार्टी में बिहार प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया गया। भाजपा में शामिल होने से पहले वह राष्ट्रीय जनता दल के साथ-साथ जनता दल (यूनाइटेड) से भी जुड़े रहे हैं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का स्टार प्रचारक बनाया गया और फरवरी 2021 में पंचायती राज्य मंत्री बनाये गए, लेकिन अगस्त 2022 में जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार खत्म होने के साथ उनके पंचायती राज्य मंत्री का कार्यकाल भी समाप्त हो गया।












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