कौन हैं मास्टर मुजाहिद आलम, जिनको RJD ने कोचाधामन से बनाया उम्मीदवार, वक्फ कानून के बाद JDU से दिया था इस्तीफा
Bihar Election 2025 (Mujahid Alam): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले किशनगंज की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कोचाधामन विधानसभा सीट से मास्टर मुजाहिद आलम को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। चार दशक से अधिक वक्त से राजनीति में सक्रिय मुजाहिद आलम ने हाल ही में जनता दल (यूनाइटेड) से इस्तीफा देकर राजद का दामन थामा था।
who is Mujahid Alam: कौन हैं मुजाहिद आलम?
54 वर्षीय मुजाहिद आलम किशनगंज जिले के कायरी बिरपुर गांव के रहने वाले हैं और सुरजापुरी मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 1990 में पटना कॉलेज से स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। उनके पिता जमीलुर रहमान एक सम्मानित शिक्षक रहे हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें प्यार से 'मास्टर साहब' कहकर पुकारते हैं।

2010 में की राजनीति की शुरुआत, 2014 में बनी किस्मत
मुजाहिद आलम ने 2010 में राजनीति में कदम रखा और 2014 में कोचाधामन विधानसभा उपचुनाव में जदयू उम्मीदवार के रूप में पहली बार जीत हासिल की। यह जीत उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसके बाद 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने AIMIM नेता अख्तरुल ईमान को हराकर फिर से जीत दर्ज की और अपनी पकड़ मजबूत की।
2020 में हार, फिर वक्फ कानून पर दिया इस्तीफा
हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में मुजाहिद आलम को AIMIM के इजहार असफी के हाथों 40 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संशोधन कानून लाए जाने के बाद उन्होंने जदयू से इस्तीफा दे दिया। उनका कहना था कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक संपत्तियों के खिलाफ है और पार्टी का रुख इससे अलग है, इसलिए वे जनता की आवाज उठाने के लिए अलग राह चुनना चाहते हैं।
अब RJD से लड़ेंगे कोचाधामन से चुनाव
राजद ने अब मुजाहिद आलम को कोचाधामन सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी को उम्मीद है कि उनका स्थानीय जनाधार और अनुभव राजद को इस मुस्लिम-बहुल सीट पर जीत दिलाने में मदद करेगा। बताया जा रहा है कि कोचाधामन क्षेत्र में मुस्लिम और सुरजापुरी वोटरों की संख्या काफी अधिक है, जिसे RJD अपने पक्ष में करने की रणनीति बना रही है।
"जनता की सेवा के लिए आया हूं राजनीति में"
राजद में शामिल होने के बाद मुजाहिद आलम ने कहा, "मैं राजनीति में जनता की सेवा के लिए आया हूं। वक्फ कानून के खिलाफ आवाज उठाना मेरा फर्ज था। अब मैं राजद परिवार के साथ मिलकर कोचाधामन के विकास के लिए काम करूंगा।" उन्होंने कहा कि राजद ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।
जदयू बोली-यह उनका निजी फैसला
वहीं, मुजाहिद आलम के इस्तीफे पर जदयू नेताओं ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। पार्टी में किसी तरह की नाराजगी नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नया रास्ता चुना है।
अनुभव और जनाधार दोनों हैं उनके पास
मुजाहिद आलम के पास राजनीति का लंबा अनुभव है। वे दो बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य के मुद्दों पर काम कर चुके हैं। राजद को उम्मीद है कि उनके मैदान में उतरने से कोचाधामन में मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा और AIMIM को कड़ी टक्कर मिलेगी।












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