Who is IAS Pratyaya Amrit: प्रत्यय अमृत नियुक्त किए गए बिहार के नए मुख्य सचिव, CM नीतीश के विश्वसनीय अधिकारी
IAS Pratyaya Amrit: बिहार सरकार के नए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत होंगे। सरकार ने विकास आयुक्त और आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत को इस पद पर नियुक्त किया है। प्रत्यय अमृत एक सितंबर, 2025 को पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा 31 अगस्त, 2025 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। चुनावों से ठीक पहले हुआ यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रत्यय अमृत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी अधिकारी माने जाते हैं
बिहार सरकार के नए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की नियुक्ति की अधिसूचना सरकार ने 27 दिन पहले ही जारी कर दी है। वर्तमान में प्रत्यय अमृत विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत है, इससे पहले उन्होंने बिहार सरकार में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के पद पर सेवाएं दीं। अपने लंबे और करियर में प्रत्यय अमृत ने कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई अहम पहल की जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।

Who is IAS Pratyaya Amrit: कौन हैं प्रत्यय अमृत?
प्रत्यय अमृत मूल रूप से गोपालगंज के निवासी हैं और 1991 बैच के बिहार कैडर के एक अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। 58 वर्षीय प्रत्यय अमृत की छवि एक ईमानदार और विवादों से दूर रहने वाले आईएएस अधिकारी की रही है। उनके पिता, रिपुसूदन श्रीवास्तव, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर थे, और उनकी माता कविता वर्मा एक शिक्षिका थीं।
IAS Pratyaya Amrit Education: प्रत्यय अमृत की पढ़ाई
प्रारंभिक शिक्षा के बाद, प्रत्यय अमृत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया और फिर प्राचीन इतिहास में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की, जिसमें उन्होंने टॉप किया। प्रत्यय अ दिल्ली के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में लेक्चरर बनने का प्रस्ताव भी मिला था, लेकिन उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी को प्राथमिकता दी और अपने दूसरे प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली।
प्रत्यय अमृत ने ये नायाब पहल
प्रत्यय अमृत ने कई नई और अभिनव पहल कीं। बिहार में हुए कई बड़े बदलावों में प्रत्यय अमृत का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है, यही वजह है कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे विश्वसनीय आईएएस अधिकारियों में से एक हैं।
- आईएएस प्रशिक्षण के दौरान, प्रत्यय अमृत ने दुमका में आदिवासी भाषा संताली भी सीखी। सिमडेगा में अनुमंडल दंडाधिकारी के रूप में उन्होंने दूरदराज के गांवों में जुआ रैकेट का पर्दाफाश किया।
- कटिहार के जिलाधिकारी रहते हुए, उन्होंने जिला अस्पताल के लिए पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया।
- छपरा के जिलाधिकारी के पद पर रहते हुए प्रसिद्ध सोनपुर पशु मेले में अश्लीलता पर प्रतिबंध लगाकर प्रभावी कदम उठाए और सिनेमाघरों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया।
- प्रत्यय अमृत बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष बनने वाले पहले आईएएस अधिकारी का गौरव भी प्राप्त किया।
- प्रत्यय अमत ने जब ये जिम्मेदारी संभाली, उस समय निगम गंभीर वित्तीय और प्रबंधन संकट से जूझ रहा था। हालांकि, प्रत्यय अमृत के कुशल नेतृत्व में इस निगम ने अभूतपूर्व प्रगति की।
- प्रत्यय अमृत ने कार्यकाल में पूरे राज्य में सड़कों और फ्लाईओवर का एक विशाल नेटवर्क बिछाया गया, साथ ही हर गांव तक बिजली पहुंचाने के अभियान को भी गति मिली।
- सड़क संपर्क, ग्रामीण विद्युतीकरण और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने योगदान से बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
प्रत्यय अमृत को मिल चुका है प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मान
प्रत्यय अमृत को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे व्यक्तिगत श्रेणी में यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारत के एकमात्र आईएएस अधिकारी हैं।नवंबर 2001 से अप्रैल 2006 तक वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली में रहे, हालांकि बिहार में उनके काम के लिए तय समय सीमा से छह महीने पहले ही उन्होंने इसे बीच में छोड़ दिया।












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