पूर्व IPS आनंद मिश्रा को BJP से मिला टिकट, इस विधानसभा सीट से लड़ेंगे चुनाव
Ex-IPS Anand Mishra History, Amitabh Das News: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं। विभिन्न रणनीतियों पर राजनेताओं ने काम करना शुरू कर दिया है और आज BJP ने भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इसी कड़ी में जनसुराज का साथ छोड़ने वाले पूर्व IPS आनंद मिश्रा के भी पार्टी ने टिकट दिया है। उन्हें बक्सर विधानसभा से बीजेपी मैदान में उतार रही है।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे अमिताभ कुमार दास ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में आनंद मिश्रा की पूरी कुंडली खोल दी। उन्होंने बताया कि बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का बंगाल से भी ताल्लुक रहा है।

आनंद के पिता काम के लिए बंगाल चले गए थे, उन्होंने वहीं से अपने करियर की शुरुआत की। 2011 में उनकी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया जब उन्हें असम मेघालय कैडर के लिए आईपीएस अधिकारी के ज़िम्मेदारी मिली। राज्य अलग-अलग थे लेकिन कैडर एक ही था, इसलिए उन्हें दोनों राज्यों में तैनात किया गया।
अपने करियर में आनंद मिश्रा असम में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर जाने जाते थे। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लखीमपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर काम किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनके तालमेल के कारण भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज़ हुई।
आनंद मिश्रा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा तब स्पष्ट हो गई थी जब उन्होंने बक्सर लोकसभा सीट पर से चुनावी दांव खेलने का मन बनाया। चूंकि वह ब्राह्मण है, इसलिए उसे उम्मीद थी कि भाजपा से बक्सर लोकसभा टिकट मिलेगा क्योंकि वहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या काफी ज़्यादा है। हालांकि, बीजेपी ने उनके बजाय मिथिलेश तिवारी टिकट दिया।
भाजपा से ठगे जाने के बाद आनंद मिश्रा ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, खुद तो नहीं जीत पाए लेकिन वोटों को विभाजित करने में कामयाब रहे। बक्सर में भाजपा हार गई और राजद के खाते में सीट चली गई। बाद में, आनंद मिश्रा ने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी का दामन थामा और पार्टी के प्रमुख व्यक्ति बन गए।
जनसुराज में युवा विंग के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने बिहार भर में जन सुराज युवा संघर्ष यात्रा का नेतृत्व किया। इस बाइक यात्रा का उद्देश्य युवा मतदाताओं से जुड़ना और पार्टी के आदर्शों को बढ़ावा देना था। हाल ही में मिश्रा ने भाजपा के साथ समझौते की अटकलों के बीच जन सुराज पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
एक साक्षात्कार में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपने झुकाव का संकेत दिया। सूत्रों की मानें तो भाजपा उन्हें शाहपुर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है। भोजपुर जिले की शाहपुर सीट पर फिलहाल आरजेडी के राहुल तिवारी काबिज हैं।
ब्राह्मण बहुल होने के कारण, बीजेपी आनंद मिश्रा जैसे ब्राह्मण उम्मीदवार को मैदान में उतारकर राहुल तिवारी का मुकाबला करना चाहती है। मिश्रा की राजनीतिक चालों की आलोचना भी हुई है। कुछ लोग अवसरवादिता और वैचारिक प्रतिबद्धताओं पर जाति आधारित राजनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगा रहे हैं। तो कुछ विभिन्न दलों से जुड़ाव की वजह से राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।












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