कौन हैं भाई वीरेंद्र, जिनपर मीसा भारती की वजह से लालू यादव और तेजस्वी यादव ने किया भरोसा, दी बड़ी ज़िम्मेदारी
MLA Bhai Virendra News: लोकसभा चुनाव के बाद राजद ने अपने संगठन में बदलाव कर विभिन्न परणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में सियासी माइलेज लिया जा सके। इसी क्रम में राजद आलाकमान (लालू और तेजस्वी) ने भाई विरेंद्र पर, तेज प्रताप यादव से ज़्यादा भरोसा जताया है।
पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से मीसा भारती के जीत दर्ज करने के बाद तेजस्वी यादव और लालू यादव ने विधायक भाई वीरेंद्र विधानसभा की लोकलेखा समिति (पब्लिक एकाउंटस कमेटी) के सभापति की ज़िम्मेदारी दिलवा दी है।

राजद चाहती तो यह पद पार्टी के वरिष्ठ नेता और लालू यादव के बड़े बेटे पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को भी दिलवा सकती थी, लेकिन मनेर विधायक भाई वीरेंद्र को लोकलेखा समिति का सभापति बनाया गया। हालांकि लालू यदा मिल सकता था। हालांकि, तेज प्रताप को गैर सरकारी विधेयक और संकल्प समिति के सभापति ज़िम्मेदारी दी गई है।
आपके ज़ेहन में यह बात घर कर रही होगी कि भाई वीरेंद्र कौन हैं, जिन पर लालू और तेजस्वी ने परिवार के सदस्य से बढ़कर भरोसा किया। आइए विस्तार से विधायक भाई वीरेंद्र के बारे में जानते हैं। पहली बार साल 2010 में भाई वीरेंद्र ने राजद के टिकट पर मनेर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।
भाई वीरेंद्र ने जदयू प्रत्याशी श्रीकांत निराला को लगभग साढ़े नौ हज़ार मतों हराया था। 2015 के विधानसभा चुनाव में एक बार राजद के टिकट पर भाई वीरेंद्र ने श्रीकांत निराला को 22 हज़ार 828 वोटों से हराया। इस बार वह भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन फिर भी भाई वीरेंद्र ने उन्हें सियासी मात दी।
2020 के विधानसभा चुनाव में मनेर विधानसभा सीट से भाई वीरेंद्र को हराने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता निखिल आनंद चुनावी मैदान में उतरे लेकिन भाई वीरेंद्र 61 हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की। गौरतलब है कि हर चुनाव में विरोधियों को हराने में भाई वीरेंद्र के जीत का अंतर बढ़ता ही गया।
वहीं पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से लगातार तीन बार से लालू प्रसाद की बेटी डा. मीसा भारती को जिताने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे, दो बार तो कामयाबी नहीं मिल पाई थी। इस बार के लोकसभा चुनाव में 10 सालों की मेहनत से पाटलिपुत्र संसदीय सीट पर मीसा भारती ने जीत का परचम लहराया।
भाजपा ने रामकृपाल यादव को हराने के बाद लोकसभा पहुंचते ही, मीसा भारती ने मनेर विधायक भाई वीरेंद्र को बड़ा तोहफा देने का फैसला लिया। इसके साथ ही भाई वीरेंद्र को लोकलेखा समिति का सभापति पद दिलवा दी। ग़ौरतलब है कि प्रतिपक्ष के पास होता है। इस पर तेज प्रताप यादव के दावेदारी की भी चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने तेज प्रताप को साइड करते हुए भाई वीरेंद्र पर ज्यादा भरोसा किया।












Click it and Unblock the Notifications