कौन है आकाश यादव? जिसको लेकर तेज प्रताप बोले-'ये आदमी मेरी और पिता लालू की हत्या करवाना चाहता है', FIR दर्ज
Tej Pratap Yadav VS Akash Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर तेज प्रताप यादव सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि आकाश यादव के साथ बढ़ता विवाद है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अलग होकर अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाने वाले तेज प्रताप यादव ने आकाश यादव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उनकी जान को खतरा है।
तेज प्रताप का दावा है कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए थे और यह पूरा घटनाक्रम उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। दूसरी तरफ आकाश यादव भी चुप नहीं हैं और उन्होंने भी तेज प्रताप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर आकाश यादव हैं कौन, जिनके साथ तेज प्रताप का विवाद इतना बड़ा रूप ले चुका है।

यह कहानी सिर्फ एकतरफा नहीं है। आकाश यादव ने भी अदालती आदेश के बाद पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव और उनके पीए मोती लाल यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया है। इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के पीछे 'अनुष्का यादव' और उनकी नवजात बेटी का एक ऐसा कनेक्शन है, जिसने लालू परिवार के भीतर भी भारी उथल-पुथल मचाई थी।
Who Is Akash Yadav?: कौन हैं आकाश यादव?
आकाश यादव बिहार की छात्र राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं और वह अनुष्का यादव के सगे भाई हैं। एक समय था जब आकाश यादव को तेज प्रताप यादव का सबसे करीबी राइट-हैंड माना जाता था। इसी रसूख के चलते तेज प्रताप ने उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के छात्र संगठन 'छात्र राजद' का प्रदेश अध्यक्ष बनवाया था।
हालांकि, आरजेडी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से विवाद के बाद आकाश को इस पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने पशुपति पारस की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) का दामन थाम लिया और वहां भी छात्र विंग के अध्यक्ष बने।
इस कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट की गईं, जिसमें दोनों के बीच प्रेम संबंधों का दावा किया गया। हालांकि, तेज प्रताप ने बाद में कहा कि उनका अकाउंट हैक हो गया था, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था।

इस पूरे प्रकरण से नाराज होकर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया था और परिवार से भी बेदखल कर दिया था। इस पूरे विवाद में आकाश यादव मीडिया के सामने डटकर खड़े रहे और अपनी बहन अनुष्का का बचाव करते रहे, जिसके चलते उन्हें पशुपति पारस की पार्टी से भी निकाल दिया गया। आकाश यादव की पहचान सबसे ज्यादा अनुष्का यादव के भाई के रूप में सामने आई।
तेज प्रताप यादव के गंभीर आरोप: 'मेरी जान को खतरा'
सचिवालय थाने में दी गई अपनी शिकायत में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने आकाश यादव पर ब्लैकमेलिंग, जबरन पैसे वसूलने (उगाही) और छवि खराब करने का मुकदमा दर्ज कराया है। तेज प्रताप का कहना है कि शुक्रवार को जब उन्होंने अपने खिलाफ चल रही साजिशों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, ठीक उसी के बाद चार अज्ञात लोग उनके घर में जबरन घुसने की कोशिश करने लगे।
उन्होंने कहा,
"शुरू से ही मेरी इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है। मेरे पिता लालू प्रसाद यादव बीमार हैं और यह मेरे पिता और मुझे मारने की साजिश है। आकाश यादव मेरी हत्या करवाना चाहता है। हो सकता है कि वह (आकाश यादव) विपक्ष के साथ मिलकर मेरी हत्या करवाना चाहता हो। चार लोग जबरदस्ती मेरे घर में घुस आए थे... जब तक हमने उन लोगों को पकड़ने की कोशिश की, वे भाग गए... मैं सुरक्षा की मांग करता हूं, और हमने सुरक्षा के लिए कोर्ट में अर्जी भी दी है... अगर हमें मुख्यमंत्री से मिलना पड़ा, तो हम मिलेंगे।"
तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बिहार वापस आने पर उन्हें केवल एक सुरक्षाकर्मी दिया गया था, जिसे उन्होंने नाराजगी में वापस कर दिया। उनका दावा है कि आकाश यादव के जरिए उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और विरोधी गुट मिलकर उनकी हत्या की प्लानिंग कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने आकाश को अपने वकील के जरिए 15 दिन का लीगल नोटिस भी भेजा था और अब वह आगे के कड़े कानूनी कदम उठाने की बात कह रहे हैं।
आकाश यादव की जवाबी कार्रवाई: कोर्ट के आदेश पर FIR
इस मामले का दूसरा पहलू भी बेहद चौंकाने वाला है। आकाश यादव ने 10 जून को ही पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बाद आकाश ने 17 जून को पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके हस्तक्षेप के बाद पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा।
आकाश यादव का आरोप है कि बीते 6 जून को जब वह खाटूश्याम की यात्रा पर गए थे, तब तेज प्रताप यादव अपने पीए मोती लाल यादव के साथ जबरन उनके घर में घुस आए। आकाश के मुताबिक, उनकी बहन अनुष्का ने फरवरी 2026 में एक बेटी को जन्म दिया है, जिसका नाम उज्जैनी है।
तेज प्रताप उस बच्ची से मिलने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं और उन्होंने बच्ची को जबरन उठाकर ले जाने तथा परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। जबकि इसके उलट, कुछ समय पहले तेज प्रताप ने इस बच्ची को अपनी बेटी मानने से साफ इनकार कर दिया था और अनुष्का का संबंध किसी अन्य व्यक्ति से होने का दावा किया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस
इस पूरे कानूनी विवाद में अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर्स का एंगल आने से मामला और पेचीदा हो गया है। आकाश यादव ने पुलिस और अदालत को सौंपे गए सबूतों में चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्हें अमेरिका के एक नंबर से व्हाट्सऐप पर धमकी मिली है। मोहित नाम के एक शख्स ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए उन्हें मैसेज और वॉयस नोट्स भेजे हैं।
धमकी में साफ कहा गया है कि अगर इस मामले में पुलिस के पास गए, तो पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। आकाश के मुताबिक, तेज प्रताप एक बेहद प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति हैं, जिसकी वजह से उनका पूरा परिवार इस समय गहरे खौफ के साए में जी रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों तरफ से मिली शिकायतों, लीगल नोटिस और व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट्स को अपने कब्जे में लेकर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।














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