क्या तेजस्वी से बिना पूछे ही जारी हुई थी स्वास्थ्य विभाग में तबादले की सूची, जानिए क्यों तेज़ हुई चर्चा?
Tejashwi Yadav News: बिहार में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के कारनामे से प्रदेश सरकार की किरकिरि हो रही है। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विभाग में तबादला सूची जारी और खारिज होने पर सियासी पारा चढ़ चुका है। शाम में तबादले का नोटिफिकेशन जारी हुआ और सुबह में सूची को रद्द कर दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है?
स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों का तबादला दो अधिकारियों के पॉवर पॉलिटिक्स का खामियाज़ा भुगत रहा है। एक अफसर तबादले की नोटिफिकेशन जारी करते हैं, तो दूसरे अधाकरी उसमें कमी निकाल कर सूची रद्द कर दे रहे हैं। इस वजह से 500 कर्मियों का तबादला पेंडिंग में है।

स्वास्थ्य विभाग के ओएसडी द्वारा जारी आदेश को अपर मुख्य सचिव के ओएसडी ने रद्द कर दिया है। ग़ौरतलब है कि NM, ANM और फार्मासिस्टों के तबादले की सूची जून में जारी की गई थी। शाम के वक्त स्वास्थ्य विभाग की तरफ़ से तबादले की सूची जारी हुई और सुबह दफ्तर खुलते ही ट्रांसफर लिस्ट को होल्ड कर दिया गया।
स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख राकेश चन्द्र सहाय वर्मा ने तबादला सूची जारी की, वहीं सतीश रंजन सिन्हा (विभागीय अपर मुख्य सचिव के ओएसडी) ने तबादला रद्द कर दिया। इसके पीछ दलील दी गई कि नियम के मुताबिक ट्रांसफर नहीं किया गया। आपको बता दें कि तबादले का अनुमोदन विभागीय ओएसडी शिशिर कुमार मिश्रा ने किया था वहीं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के ओएसडी ने इसे खारिज कर दिया।
विभाग के तरफ से जारी दलील पत्र में बताया गया कि जून 2023 में सेक्शन चार के सभी पदों पर तबादले, पोस्टिंग का आदेश निदेशक प्रमुख राकेश चन्द्र सहाय वर्मा के हस्ताक्षर से जारी किया गया था। विभाग को इससे जुड़ी शिकायत मिली, जो कि सही पाया गया। तबादले को OSD ने अनुमोदित किया था, जो कि कही से प्राधिकृत नहीं थे और उसमें गलतियां भी हुईं थी।
ओएसडी की गैर जिम्मेदाराना कार्य हुआ है, तबागले में कई लोगों को गृह जिला में पोस्टिंग दी गई। कई को एक जिला में ही बस दूसरे दफ्तर में तबादला किया गया। इस पूरे मामले जांच टीम गठित की गई। जांच कमेटी में राजेश कुमार (उप सचिव, स्वास्थ्य समिति), अधिप्राप्ति रविन्द्र कुमार (महाप्रबंधक, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना लि.पटना) रेणू कुमारी (OSD,स्वास्थ्य विभाग) शामिल थीं। जांच कमेटी ने मामलें में रिपोर्ट सौंप दी है।
इस पूरे मामले में विपक्ष के नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विभाग में ही गड़बड़ी हो रही है तो दूसरे विभागों का क्या हाल होगा। वहीं सवाल करते हुए कहा कि क्या तेजस्वी यादव से तबादले को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी, जो उनके विभाग के अधिकारी खुद में ही पॉवर पालिटिक्स कर रहे हैं।












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