Video: अगर सूत्र 'मूत्र' होते, तो लालू यादव अब भी- तेजस्वी यादव की TV एंकर ने कर दी बोलती बंद

Tejashwi Yadav: भारतीय राजनीति में अक्सर बयानबाजी और जुबानी जंग सुर्खियों में रहती है, और इस बार बहस का केंद्र बने हैं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव। हाल ही में तेजस्वी यादव ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा, ''मैं ऐसे 'सूत्रों'को 'मूत्र' समझता हूं।'' असल में तेजस्वी यादव ने ये बयान चुनाव आयोग द्वारा कराया जा रहा वोटर लिस्ट रिवीजन के संदर्भ में दिया है। अपने इस बयान को लेकर अब तेजस्वी यादव चौतरफा घिरे हुए हैं।

इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला है। BJP के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल से तंज कसते हुए कहा, ''अगर सूत्र, 'मूत्र' होते, तो लालू यादव अब भी सत्ता की मलाई खा रहे होते -चारा घोटाले का न तो पर्दाफाश होता और न ही उन्हें सजा होती! 'सूत्र' को 'मूत्र' समझने वाले तेजस्वी यादव की टीवी एंकर ने कर दी बोलती बंद!''

Tejashwi Yadav

इस ट्वीट में चारा घोटाले का जिक्र करते हुए बीजेपी ने सीधे तौर पर लालू यादव और उनके परिवार पर निशाना साधा है। बीजेपी ने तेजस्वी की जुबान फिसलने को राजनीतिक चूक बताते हुए इसे गंभीर स्तर पर तंज के तौर पर उठाया। भाजपा ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें पत्रकार तेजस्वी यादव के 'सूत्र' को 'मूत्र' कहने वाले बयान पर पोल खोलती दिख रही हैं।

'तेजस्वी जी, अगर दुनिया भर के पत्रकारों के सूत्र वाकई 'मूत्र' होते तो...'

भाजपा द्वारा शेयर किया गया ये टीवी रिपोर्ट एबीपी चैनल का है। जिसमें टीवी एंकर और पत्रकार मेघा प्रसाद तेजस्वी यादव के 'सूत्र, मूत्र है वाले बयान पर पोल खोलते दिख रही हैं। मेघा प्रसाद कहती हैं, ''तेजस्वी जी, अगर दुनियाभर के पत्रकारों के सूत्र वाकई मूत्र होते तो वाटर गेट स्कैंडल का कभी खुलासा नहीं होता और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का कभी इस्तीफा भी नहीं हुआ होता। अगर देशभर के पत्रकारों के सूत्र वाकई मूत्र होते तो बोफोर्स घोटाले का सच भी कभी बाहर नहीं आ पाता। और अगर बिहार के पत्रकारों के सूत्र भी मूत्र होते तो, उस चारा घोटाले की कहानी भी सामने नहीं आ पाती, जिसमें आपके पिता लालू प्रसाद यादव को सजा हुई।''

'तेजस्वी जी, कहीं आपके सूत्र तो 'मूत्र' नहीं'

अपनी रिपोर्ट में मेघा आगे कहती हैं,

''तेजस्वी जी पत्रकारों के सूत्र मूत्र नहीं होते हैं और ये बात आप बखूबी जानते हैं...क्योंकि सूत्र तो आपके भी हैं। अगर आप अपने सूत्रों को भूल गए हैं तो आपको याद दिला दें कि आपको एक बार पता चला कि 'नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक साल के अंदर ही आप उनका इस्तीफा करवाने लगे थे।' क्योंकि ये बात आपको आपके सूत्रों ने बताई थी। अब प्रधानमंत्री का इस्तीफा तो हुआ नहीं, वो तीसरी बार भी पीएम बन गए। साल 2018 में आपको अपने खिलान एक गंभीर साजिश की भी आशंका हुई थी और इस आशंका को बल देने वाले आपके सूत्र ही थे, जिसमें आपने कहा था कि 'नीतीश सरकार द्वारा आपके खिलाफ गंभीर साजिश की जा रही है।' अब इस सूत्र का क्या हुआ? फिर कोरोना काल में भी आपके सूत्र असफल हो गए, क्योंकि आपने बिहार के सरकारी आंकड़ों को 10 गुना कम करके दिखाया था और उसके लिए भी सूत्रों का हवाला दिया गया था। उस वक्त तो आपके सूत्रों ने किसी को मूत्र नहीं कहा।''

'कहीं सूत्रों से आपकी पुरानी खुन्नस तो नहीं है...'

रिपोर्ट में एंकर आगे कहती है,

''अब आप क्यों पत्रकारों के सूत्रों को मूत्र कह रहे हैं, ये लैंड फॉर जॉब स्कैम है क्या? जिसमें आपके परिवार के कई लोगों पर गंभीर आरोप हैं। जिसका खुलासा भी सूत्रों ने किया है। या सूत्रों के खिलाफ आपकी पुरानी खुन्नस है क्योंकि इन्ही सूत्रों के सामने आने के बाद लालू यादव को न सिर्फ मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था बल्कि उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। या फिर बिहार के वोटरों को लेकर हर दिन जो नई-नई गड़बड़ियों सामने आ रही है, जिसका जरिया हमारे सूत्र ही हैं।''

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

तेजस्वी यादव की इस चूक को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के मीम्स और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने इसको लेकर तेजस्वी को ट्रोल किया है। तो वहीं बीजेपी समर्थक इसे 'राजनीतिक अपरिपक्वता' का संकेत मान रहे हैं।

तेजस्वी यादव का बयान: "ऐसे 'सूत्रों' को हम 'मूत्र' मानते हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है"

13 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई और वो भावनाओं में बहकर विवादित टिप्पणी कर बैठे। दरअसल, चर्चा चल रही थी कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों के लोगों के नाम भारतीय मतदाता सूची में जोड़े जाने की आशंका है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया, "क्या इस संबंध में चुनाव आयोग की ओर से कोई प्रेस नोट जारी हुआ है? क्या कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने आया है? यह खबर आखिर आई कहां से है?" उन्होंने आगे कहा, "कहा जा रहा है कि ये 'सूत्रों' के हवाले से बताया गया है। ये वही सूत्र हैं जिन्होंने कभी पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था। ये वही सूत्र हैं जिन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत लाहौर, कराची और इस्लामाबाद पर नियंत्रण पा लिया था।" तेजस्वी यादव ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "हम ऐसे सूत्रों को 'मूत्र' मानते हैं, जिससे सिर्फ दुर्गंध फैलती है।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+