‘मुझे भी अपनी भाषा...’, BJP के इस दिग्गज नेता को चाह कर भी नहीं मिली भोजपुरी भाषा में शपथ लेने की इजाज़त
BJP MP Oath Ceremony: 18वीं लोकसभा में सांसदों ने अपनी-अपनी मातृभाषा में शपथ लेने को तरजीह दिया। विभिन्न भाषाओं में सांसदों ने शपथ तो ली, लेकिन बिहार भाजपा के दिग्गज नेता चाह कर भी अपनी पसंदीदा भाषा में शपथ नहीं ले सके। चलिए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला क्या है?
सोमवार (24 जून) को नवनिर्वाचित सांसदों ने हिंदी,अंग्रेज़ी,बंगाली,संस्कृत, डोगरी, आसामी और ओडिया समेत विभिन्न हिंदुस्तानी भाषाओं में शपथ ली। बिहार के सारण लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रीजव प्रताप रूड़ी की दिली ख्वाहिश थी कि, वह भोजपुरी भाषा में शपथ लें, लेकिन उनकी चाहत पूरी नहीं हो पाई।

नवनिर्वाचित सांसद राजीव प्रताप रूड़ी को इस बात का अफ़सोस तो बहुत हुआ लेकिन संविधान के नियम के आगे उन्हें झुकना पड़ा। अब आप सोच रहे होंगे कि किस नियम की वजह से वह भोजपुरी भाषा में शपथ नहीं ले सके। दरअसल कोई भी सांसद संविधान के मुताबिक अंग्रेज़ी में शपथ ले सकते हैं।
इसके अलावा 8वीं अनुसूची में लिस्टेड 22 भाषा में से ही किसी एक भाषा में शपथ ले सकते हैं। 8वीं अनुसूची में भोजपुरी लिस्टेड नहीं है। इसी वजह से भाजपा के दिग्गज नेता राजीव प्रताप रूड़ी की भोजपुरी भाषा में शपथ की ख्वाहिश चाहकर भी पूरी नहीं हो पाई।
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि सांसदों ने अपनी-अपनी मातृभाषा में शपथ ली, यह देखकर काफी खुशी हुई। हर कोई अपन पसंदीदा भाषा में शपथ ले रहा था, यह बहुत ही अच्छा लगा। मुझे भी भोजपुरी भाषा में शपथ लेने का मौक़ा मिलता तो काफी खुशी होती।
आपको बता दें कि शपथ ग्रहण की अध्यक्षता उस वक्त बिहार के दिग्गज नेता राधा मोहन सिंह (पूर्वी चंपारण से भाजपा सांसद) कर रहे थे। भोजपुरी भाषा में शपथ की इजाज़त नहीं मिलने के बाद राजीव प्रताप सिंह रूड़ी ने हिंदी भाषा में शपथ ली। ग़ौरतलब है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को हराया था।












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