Love Story: किसी को हुआ बस में प्यार, तो किसी ने किया टेनिस कोर्ट में दीदार,जानिए दिग्गज नेताओं की प्रेम कहानी
Love Stories Of Bihar Political Leaders: वैलेंटाइन डे पर प्रेम से जुड़ी कई रोचक कहानियां पढ़ने को मिल रही है। प्रेमियों के लिए ख़ास दिन वैलेंटाइन डे पर आज हम आपके लिए बिहार के दिग्गज नेताओं की प्रेम कहानी लेकर आये हैं, जो कि आज भी प्रेमियों के लिए मिसाल है।
लालू यादव और राबड़ी देवी की प्रेम कहानी

सबसे पहले जानते हैं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और राबड़ी देवी की प्रेम कहानी के बारे में। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की शादी तो अरेंज हुई थी, लेकिन किस्सा काफी दिलचस्प रहा है। लालू-राबड़ी का एक दूसरे के प्रति प्रेम की आज भी लोग मिसाल देते हैं। कई मौक़े ऐसे आये जब राबड़ी लालू यादव को गुलाब देते हुए नज़र आईं।
लालू यादव की जब शादी हुई थी तो वह 25 साल के थे। राबड़ी देवी की उम्र 14 साल थी। दोनों की अरेंज मैरिज हुई थी लेकिन नखरा लव मैरिज से भी ज्यादा हुआ था। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी कि लालू प्रसाद यादव की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। वह बहुत ही साधारण परिवार से थे।
राबड़ी देवी के घर वाले लालू यादव के मुकाबले आर्थिक मामले में ज्यादा थे। इसलिए वह नहीं चाहते थे कि राबड़ी देवी की लालू प्रसाद यादव से शादी हो, लेकिन कहते हैं ना कि रिश्ते ऊपर वाले बनाता है। कुछ ऐसा ही हुआ दोनों की शादी हुई और आज की तारीख़ में भी दोनों के बीच बेइंतहा मोहब्बत है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कहानी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शादी भी अरेंज हुई थी, लेकिन लव मैरिज से कम नहीं थी। नीतीश कुमार अपने छात्र जीवन में बहुत चॉकलेटी ब्यॉय की तरह रहते थे। वह दौर ऐसा था कि शादी से पहले अपनी होने वाली दुल्हन को नहीं देख सकते थे।
परंपरा ही कुछ ऐसी थी, लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने अपनी होने वाली पत्नी को शादी से पहले ही देख लिया। वह उन्हें देखने के लिए पटना कॉलेज चले गए थे और उनका दीदार किया था। उन्होंने बिना दहेज़ लिए ही शादी की थी।
पप्पू यादव और रंजीत रंजन की प्रेम कहानी
पूर्व सांसद पप्पू यादव और रंजीत रंजन की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। पुराने लोग बताते हैं कि पप्पू यादव हत्या मामले में जेल में बंद थे, इसी दौरान वह रंजीत रंजन को दिल दे बैठे थे। रंजीत रंजन को मनाने के लिए उन्होंने काफी पापड़ बेले थे।
रंजीत रंजन की तस्वीर देख कर ही वह उनपर फिदा हो गए थे और उनके दीदार के लिए रोज़ाना टेनिस कोर्ट पहुंच जाया करते थे। जहां रंजीत रंजन टेनिस खेला करती थीं। उन्हें पप्पू यादव की ये हरकत पसंद नहीं थी। कई बार उन्होंने मना भी किया लेकिन वह नहीं माने।
रंजीत रंजन ने कह दिया कि वह सिख समुदाय से हैं और आप हिंदू समुदाय से हो परिवार वाले कभी नहीं मानेंगे। रंजीत रंजन के परिवार के लोग शादी के लिए राज़ी नहीं थे, वहीं पप्पू यादव के घर वालों को कोई ऐतराज़ नहीं था।
रंजीत रंजन के परिवार वाले नहीं मानें, इसके बाद पप्पू यादव के रंजीत रंजन की बहन और जीजा के पास रिश्ता के लिए चंडीगढ़ पहुंच गए। फिर भी बात नहीं बनी। निराश पप्पू यादव को पता चला कि कांग्रेस नेता एसएस अहलूवालिया उनके इस मामले का कुछ हल निकाल सकते हैं।
पप्पू यादव बिना वक्त गंवाए उनके पास मदद मांगने पहुंच गए। इसके बाद पप्पू यादव को मोहब्बत में कामयाबी मिली और उन्होंने शादी रचाई। पप्पू यादव ने अपनी किताब 'द्रोहकाल का पथिक' में अपनी प्रेम कहानी का ज़िक्र किया है।
शाहनवाज हुसैन और रेनू की प्रेम कहानी
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन और रेनू की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। शाहनवाज़ हुसैन मुस्लिम और उन्होंने दिल्ली की एक हिंदू लड़की रेनू से शादी रचाई। दोनों की शादी का ज़िक्र आज भी सियासी गलियारों में सुर्खियों में रहता है।
9 साल तक अपनी मोहब्बत के लिए परीक्षा देने के बाद शाहनवाज हुसैन शादी के बंधन में बंध पाए थे। पुराने लोगों की मानें तो शाहनवाज हुसैन 1986 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान वह डीटीसी की बसों से सफर करते थे।
बस में सफर करते हुए अचानक उनकी निगाह रेनू पर पड़ी और वह उन्हें देखते ही रह गए। कुछ ही देर बाद रेनू उनकी नज़र से ओझल हो गईं। शाहनवाज की निगाहें उन्हें ढूंढती रही। एक दिन फिर शाहनवाज को वह बस में दिख गईं, फिर क्या था वह रेनू को फॉलो करने लगे।
एक दिन ऐसा हुआ कि रेनू बस में चढ़ी तो उन्हें सीट नहीं मिली शाहनवाज ने अपनी सी उन्हें अपनी सीट दे दी। इस तरह दोनों के बीच बातों का सिलसिला शुरू हुआ। एक दिन ऐसा आया जब शाहनवाज उनके (रेनू) घर पहुंच गए।
रेनू के घर वालों को भी उन्होंने इम्प्रेस कर लिया लेकिन शादी की बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। एक वक्त आया जब शाहनवाज के दिल की बात जुबां पर आ गई, उन्होंने रेनू से दिल की बात कह डाली। रेनू उनकी बातों से गुस्सा हो गईं और कहा कि दोनों अलग समुदाय से हैं, शादी मुमकिन नहीं है।
रेनू की बात से शाहनवाज मायूस तो ज़रूर हुए लेकिन शादी की बात मन में ठान के रखी। रेनू से शादी करने के लिए वह कोशिश करते रहे। शाहनवाज की मोहब्बत के आगे रेनू झुकीं और शादी के लिए मान गईं। 9 साल की प्रेम कहानी को आखिर मंज़िल मिल ही गई।
तेजस्वी यादव और आइरिश (राजश्री यादव) की प्रेम कहानी
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने अपनी काफी पुरानी दोस्त से शादी रचाई है। जब तेजस्वी की शादी की बात चल रही थी तो उन्होंने लालू यादव को अपनी पसंद के बारे में बताया और राजश्री यादव से मिलवाया। लालू यादव को वह पसंद आई, तो शादी करवाने के लिए राज़ी हो गए।
तेजस्वी यादव ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम समाजवादी नेता रहे हैं। लोहिया जी ने भी कहा था किसी महिला से कमिटमेंट हो जाए तो उसे पूरा कीजिए। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का यही मानना था कि जहां बच्चे खुश रहें, उसमे माता पिता की खुशी है। इस तरह से तेजस्वी शादी के बंधन में बंधे।












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