Video: बच्चों को पढ़ाने का अनोखा अंदाज़, तारीफ़ करते नहीं थक रहे लोग, कहा- मैडम का कोई जवाब नहीं
छात्रों के परिजनों का कहना है कि अनोखे अंदाज़ में हर स्कूलों में तालीम दी जानी चाहिए। इस तरह पढ़ाने से बच्चों में स्कूल जाने की ख्वाहिश पैदा हो रही है। वह अपना ज्यादातर वक्त स्कूल में ही बिताना चाह रहे हैं।
Khagaria School: बिहार में शिक्षा व्यवस्था पर तो सवाल उठ ही रहे हैं, लेकिन इन दिनों कुछ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की लोग तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं। इन शिक्षकों के पढ़ाने के अंदाज़ से बच्चे काफी प्रेभावित हो रहे हैं और स्कूल जाने के उत्सुक रहते हैं। शिक्षकों के पढ़ाने के अनोखे अंदाज़ से स्कूल में छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ रही है। इसी कड़ी में हम आपको खगड़िया जिले की एक शिक्षिका के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि डांस करते हुए बच्चों को पढ़ाती हैं। उनके पढ़ाने के अंदाज़ की वजह से छात्र उन्हें काफी पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लकड़ी की कांटी, कांटी का घोड़ा वाले गाने पर बच्चों को पढ़ाती हुई नज़र आ रही हैं।
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बच्चों को पढ़ाने का अनोखा अंदाज़
खगड़िया जिले के मध्य विद्यालय सोनवर्षा (चौथम प्रखंड) का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की कई तरह की प्रतिक्रिया आ रही हैं। लोगों का कहना है कि ज्यादातर तो यही देखने को मिलता है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षक सिर्फ सैलरी उठाते हैं, बच्चों को पढ़ाने की तरफ ध्यान ही नहीं देते हैं। वहीं अब बिहार के सरकारी स्कूलों में कुछ ऐसे भी शिक्षक आए हैं, जिन्होंन अपने पढ़ाने के तरीक़े से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली है। शिक्षिका कुमारी रितु रिमझिम का डांस के ज़रिए बच्चों को पढ़ाने का अंदाज़ काफी अच्छा है। इसे बच्चे काफी पसंद कर रहे हैं।

रितु रिमझिम के पढाने की हो रही तारीफ
वायरल वीडियो में दिख रही शिक्षिका का नाम रितु रिमझिम है, उनके पढ़ाने के इस अंदाज से बच्चे काफी खुश हैं। इसके साथ ही स्कूल में छात्रों की मौजूदगी भी बढ़ने लगी है। शिक्षिका रितु रिमझिम का कहना है कि बच्चे स्कूल में बोर महसूस करने लगते हैं, इसलिए वह उन्हें इस तरह अनोखे अंदाज़ में पढ़ाती हैं ताकि छात्रों को पढ़ने में मन लगे। बहरहाल शिक्षिका के इस अनोखे पढ़ाने के अंदाज़ की वजह सोनवर्षा के मध्य विद्यालय का नाम चर्चाओं में है।

छात्रों का शिक्षा के साथ-साथ मनोरंजन
स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी पार दियारा इलाके में होने के बावजूद हेडमास्टर ने स्कूल भवन को काफी अच्छे सजाया है। विद्यालय में अधिकारी जांच करने पहुंचते हैं को स्कूल का नज़ारा देख काफी प्रभावित हो जाते हैं। स्कूल की इस शानदार व्यवस्था की वजह से मध्य विद्यालय सोनवर्षा शिक्षा के नाम पर बतौर मॉडल पेश किया जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो जिला शिक्षा विभाग द्वारा दी गई ट्रेनिंग के बाद से ही शिक्षक बच्चों को अनोखे अंदाज़ में पढ़ाने में जुटे हुए हैं। इससे बच्चों का पढ़ाई के साथ मनोरंजन भी हो रहा है।

अनोखे शिक्षा मॉडल की हो रही सराहना
सरकारी विद्यालयों में इस तर की तस्वीर आने के बाद वन इंडिया हिंदी ने आम लोगों की प्रतिक्रिया जानी, इस पर ज़्यादतर लोगों ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बच्चों की दिलचस्पी बढ़े, इसलिए अनोखे अंदाज़ में हर स्कूलों में तालीम दी जानी चाहिए। इस तरह पढ़ाने से बच्चों में स्कूल जाने की ख्वाहिश पैदा हो रही है। वह अपना ज्यादातर वक्त स्कूल में ही बिताना चाह रहे हैं। मैडम की यह पहल काफी सराहनीय है, इनका कोई जवाब नहीं है।
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