UPSC Success Story: कक्षा 7 में मिला सबसे बड़ा दर्द, टूटा सपना, फिर बिहार के लाल ने मां के लिए किया कमाल

UPSC Success Story: इंसान के अंदर लगन और जज़्बा हो तो वह चुनौतियों से जूझते हुए भी कामयाबी की बुलंदियों को छू ही लेता है। आज हम आपको एक ऐसे ही अधिकारी की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने मुसीबतों को मात देते हुए कामयाबी का नया आयाम लिखा है।

हम बात कर रहे हैं, बिहार के पूर्णिया ज़िले के छोटे से गांव हरभंगा निवासी नवनीत आनंद की, उन्होंने 23 साल की उम्र में ही बड़ी ऊंचाइयों को छू लिया। 21 साल की उम्र में सीआईएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया। 23 साल में UPSC परीक्षा 2023 में कामयाबी हासिल की। गौरतलब है कि जब UPSC का रिज़ल्ट आया था, तो नवनीत असिस्टेंट कमांडेंट की ट्रेनिंग में थे।

UPSC Success Story Got the biggest pain dream broken then navneet did wonders for his mother

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नवनीत आनंद के मां-पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद अपने बेटे को तीसरी क्लास के पढ़ने के लिए सैनिक स्कूल (चित्तौड़गढ़, राजस्थान) भेजा। नवनीत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि आज वह जिस मुकाम पर हैं,सैनिक स्कूल (चित्तौड़गढ़) का अहम किरदार है।

नवनीत का बचपन बहुत ही खुशहाल गुज़र रहा था, अचानक खुशियों को ग्रहण लग गया, जब कक्षा 7 में थे तो अचानक खबर मिली कि सड़क दुर्घटना में उन्होंने अपने पिता को खो दिया है। इसके बाद नवनीत की जिंदगी के अध्याय के नए पन्ने खुले।

नवनीत की मां के कंधों पर परिवार के गुज़र बसर की जिम्मेदारी आ गई। अपनी मां को आर्थिक तंगी और लोगों की बेतुकी बातों को सुनते देख नवनीत ने मन ही मन यह ठान लिया कि मां को सम्मान और ख़ुद की अलग पहचान बनानी है।

नवनीत पढ़ाई के साथ-साथ पेंटिंग और बॉस्केटबॉल खेलने के भी शौकीन थे। रोज़ाना लाइब्रेरी में 3 घंटे के करीब पढ़ाई करते थे, इसके बाद खुद को रिफ्रेश करने के लिए पेंटिंग और बॉस्केटबॉल खेलते थे। नवनीत ने इंटरव्यू में बताया था की बॉस्केटबॉल के वह राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी रह चुके हैं।

नवनीत की ख्वाहिश थी कि वह नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाए, लेकिन मायोपिया की वजह से सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिल्ली के अंबेडकर यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए।

पहली साल 2021 में नवनीत ने यूपीएससी एग्ज़ाम दिया, फिर 2022 में भी परीक्षा दी, लेकिन कामयाबी हासिल नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने CDS, UGC नेट जेआरएफ और सबसे ख़ास UPSC (CAPF) असिस्टेंट कमांडेंट भर्ती एग्ज़ाम में 37वीं रैंक हासिल की, वहीं बैकअप प्लान के तौर पर तैयारी जारी रखी। तीसरी कोशिश में यूपीएससी परीक्षा 2023 पास कर 499 रैंक हासिल की।

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