Bihar Politics: क्या काराकाट लोकसभा सीट पर उपेंद्र कुशवाहा के साथ हो गया खेला, जानिए क्यों तेज़ हुई चर्चा
Karakat Lok Sabha Bihar: लोकसभा चुनाव का परिणाम किसके लिए शुभ हुआ यह तो 4 जून को पता लगेगा, लेकिन एग्ज़िट पोल के नतीजे भाजपा के लिए शुभ संकेत हैं। बिहार के एग्जिट पोल में एनडीए की सीटें घटीं ज़रूर हैं, लेकिन भाजपा की 17 में से 17 सीटों पर जीत का आंकलन किया जा रहा है।
एनडीए ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में से 39 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार सीटें घटने की उम्मीद है। एनडीए के सहयोगी दलों में भाजपा, जदयू, लोजपा(र), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) शामिल है।

एग्ज़िट पोल के नतीजों में एनडीए के सभी सहयोगी दलों के जीत का आंकलन तो किया गया लेकिन, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा की जीत का कोई ज़िक्र नहीं कर रहा है। एग्ज़िट पोल के आंकलन के बाद यह चर्चा तेज़ हो गई है कि रालोमो (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) काराकाट से नहीं जीत रही है।
आपको बता दें कि एनडीए की तरफ़ से काराकाट लोकसभा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के में खाते दी गई थी। लोकसभा चुनाव 2024 के एग्ज़िट पोल में कई एजेंसियों ने एनडीए की जीत का दावा तो किया, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को लेकर किसी प्रकार का आंकलन नहीं किया गया है।
सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि एनडीए के खाते में काराकाट लोकसभा सीट नहीं आ रही है। एनडीए समर्थित उम्मीदवार के तौर पर उपेंद्र कुशवाहा ने चुनावी दांव खेला है। वहीं महागठबंधन की तरफ़ से सीपीआई माले के उम्मीदवार राजाराम सिंह कुशवाहा मैदान में हैं।
एनडीए और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के बीच टक्कर माना जा रहा था, लेकिन भाजपा के बागी भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह के निर्दलीय चुनावी ताल ठोक दी, जिसके बाद यहा मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। ऐसे में जब एग्जिट पोल के नतीजे आए तो एनडीए के खाते में काराकाट सीट नहीं दिखी।
यह माना जा रहा है कि पवन सिंह के चुनावी दांव खेलने से उपेंद्र कुशवाहा के वोट बैंक पर ख़ासा असर पड़ा है। वहीं सवर्ण मतदाताओं समेत कुशवाहा वोटर्स भी पवन सिंह की चमक धमक देखकर चुपचाप उनके साथ हो लिए। काराकाट लोकसभा सीट को लेकर कहा जा रहा है कि भाजपा ने गुपचुप तरीक़े से उपेंद्र कुशवाहा के साथ खेला कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications