Bihar Tourism: तुतला भवानी बन रहा टूरिस्ट स्पॉट, झरना और झूला ब्रिज बना आकर्षण का केंद्र
रोहतास (बिहार) के तिलौथू में तुतला भवानी धाम मौजूद है। अब यहां का नज़ारा लेने दूर-दूर से पर्यटक पहुंच रहे हैं। ग़ौरतलब है कि तीन पहाड़ियों से तुतला भवानी धाम घिरा हुआ है। इसके साथ ही तुतला भवानी धाम इतिहास के मद्देनज़र...
Bihar Tourism: बिहार राज्य में पर्यटकों के घूमने के लिए कई ऐतिहासिक धरोहर और हिल स्टेशन मौजूद है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार लगातार कोशिश कर रही है। कई जगहों को विकसित किया गया है तो कई ऐतिहासिक धरोहर गुमनामी शिकारी हो चुके हैं। इसके साथ ही कई ऐसे टूरिस्ट स्पॉट हैं जिसके बारे में ज्यादातर बिहार के लोगों को भी जानकारी नहीं है। इसी कड़ी में हम आपको तुतला भवानी धाम के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके बारे पिछले साल तक कई लोगों को जानकारी नहीं थी, लेकिन सीएम नीतीश कुमार के ईको पर्यटन परिसर का उद्घाटन करने के बाद से लोगों को तुतला भवानी धाम खूब भा रहा है। आपको बता दें कि पिछले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर तुतला भवानी ईको पर्यटन परिसर का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए उद्घाटन किया था।

3 पहाड़ियों से घिरा हुआ है तुतला भवानी धाम
रोहतास (बिहार) के तिलौथू में तुतला भवानी धाम मौजूद है। अब यहां का नज़ारा लेने दूर-दूर से पर्यटक पहुंच रहे हैं। ग़ौरतलब है कि तीन पहाड़ियों से तुतला भवानी धाम घिरा हुआ है। इसके साथ ही तुतला भवानी धाम इतिहास के मद्देनज़र भी काफी अहमियत रखता है। जानकार बताते हैं कि इस धाम का पुराणों में भी ज़िक्र है। शोणतटस्था शक्तिपीठ देवी के 51 पीठों में एक तुतला भवानी धाम भी है।

तुतला भवानी धाम का इतिहास
तुतला भवानी धाम के इतिहास की बात की जाए तो 1158 ई. में खरवार के राजा प्रताप धवल देव ने मां तुतला भवानी की प्रतिमा की स्थापना करवाई थी। उन्होंने इस बाबत शिलालेख भी लिखवाया था। इस जगह पर पहले से स्थापित प्राचीन प्रतिमा टूटने की वजह से मां महिषासुर मर्दिनी की नई प्रतिमा स्थापित कराई गई थी। राजा प्रताप धवल देव द्वारा लिखाए शिलालेख में प्रतिमा को मां जगद्धात्री दुर्गा लिखा गया है।

पुराणों में तुतला भवानी धाम का ज़िक्र
रोहतास के बुजुर्गों की मानें तो शोणतटस्था शक्तिपीठ देवी के 51 पीठों में एक तुतला भवानी धाम भी है। शोण तट पर विराजमान देवी को शोणाक्षी और शिव को भद्रसेन की संज्ञा दी गई है। उन्होंने बताया की यहां सती का दक्षिणी नितंब गिरा था, जिसे अब लोग तुतला भवानी के नाम से जानते हैं। यहां की पहाड़ियों के करीब से पहले सोन नदी बहती थी, लेकिन अब यहां से चार किलोमीटर पहले में सोन नदी बहती है। पहाड़ों में स्थित मां शोणाक्षी जगद्धात्री दुर्गा के ऊपर से ही पानी का झरना गिरता है।

टूरिस्टों के लिए धाम तक जाने के लिए दो रास्ते
बिहार में टूरिस्टों के लिए तुतला भवानी धाम आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां हर रोज़ सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ पिकनिक मनाने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। यहां पर्यटकों के लिए वॉटरफॉल और झूला ब्रिज आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। आपको तुतला भवानी के बारे में तो बता दी, अब यहां पहुंचने कैसे पहुंचे उसकी भी जानकारी दे देता हूं। सासाराम (रोहतास जिला मुख्यालय) के नेशनल हाईवे-2 से ताराचंडी तिलौथू मेन रोड से तुतला भवानी (सेवही गांव के पास से होते हुए) तक जाने के लिए सड़क बनाई गई है। इसके अलावा डेहरी-अकबरपुर स्टेट हाईवे-119 पर भी एक सड़क है तो तिलौथू प्रखंड मुख्यालय से आठ किलोमीटर पश्चिम तुतला भवानी तक जाती है। इन दो रास्तों से आप तुतला भवानी बहुती ही आसानी से पहुंच सकते हैं।
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