खुले में शौच करते लोगों को पहना दी गई माला, फिर हाथ में थमा दिया गया ये पोस्टर...
वहीं खुले में शौच करते हुए पकड़े गए तीनों ने ये संकल्प लिया कि वो बहुत जल्द शौचालय का निर्माण कराएंगे। तो दूसरी ओर एक बुजुर्ग को भी 25 उठक-बैठक लगानी पड़ी।
पटना। एक कदम स्वच्छता की ओर...अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाए जाने का काम जहां बड़ी ही तेजी से किया जा रहा है तो दूसरी तरफ खुले में शौच करने वालों के खिलाफ प्रशासन के द्वारा उन्हें जागरुक करने और शौचालय बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कभी खुले में शौच करने वाले को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया जाता है तो कभी उनसे उठक-बैठक करवाई जाती है। लेकिन इस बार तो प्रशासन के अधिकारियों ने खुले में शौच कर रहे लोगों को इस तरह शर्मिंदा कर दिया कि अब वो शौचालय बनाए बगैर नहीं रह सकते। दरअसल बिहार के रोहतास जिले में तीन लोगों को खुले में शौच करते हुए प्रशासन के द्वारा पकड़ा गया। जिन्हें सजा के तौर पर प्रशासन के द्वारा माला पहनाई गई और हाथ में 'मैं खुले में शौच करता हूं' का बोर्ड देते हुए भरे बाजार घुमाया, जिसके बाद तीनों सिर झुकाए हुए बाजार में घूमते रहे।


जानकारी के मुताबिक बिहार के रोहतास जिले में रामपुर गांव के रहने वाले तीन लोगों को बीडीओ द्वारा खुले में शौच करते हुए पकड़ा गया। खुले में शौच करने वाले तीनों लोगों को बाजार में लाया गया और माला पहनाते हुए उनके हाथों में नाम लिखा हुआ एक पोस्टर दिया, जिसमें लिखा था कि 'मैं खुले में शौच करता हूं' और बाजार भर में घुमाया गया। इस दौरान लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला तो कुछ लोगों ने इसे सराहा भी। वहीं खुले में शौच करते हुए पकड़े गए तीनों ने ये संकल्प लिया कि वो बहुत जल्द शौचालय का निर्माण कराएंगे। तो दूसरी तरफ एक बुजुर्ग को भी खुले में शौच करते हुए पकड़ा गया जिससे 25 बार उठक-बैठक कराके छोड़ दिया गया।

खुले में शौच को लेकर सरेआम शर्मिंदा करने के मामले में जब वहां के सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि लोगों को जागरुक करने और खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए इस तरह का काम किया जा रहा है। इस तरह का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है लेकिन बहुत जल्द लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए लोगों को फाइन के साथ-साथ और भी कई तरह से जागरुक किया जा रहा है।












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