Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन 3 फ़ैसलों से बदल जाएगी 'INDIA' की तस्वीर, जानिए कैसे?
Bihar Politics: आगामी चुनाव को लेकर देश भर में INDIA बनाम NDA के मद्देनज़र सियासत शुरू हो चुकी है। वहीं बिहार की सियासत में 3 अहम फ़ैसले 'INDIA' की तस्वीर बदल सकते हैं। दिल्ली कोर्ट के फ़ैसले से प्रदेश में सियासी फ़िज़ा बदल सकती है। प्रदेश के सियासी समीकरण पर वन इंडिया हिंदी ने पूर्व IPS अमिताभ दास से खास बातचीत की, उन्होंने बताया कि किस तरह से प्रदेश में सियासत करवट ले सकती है।
पूर्व IPS अमिताभ दास ने कहा कि 25-26 अगस्त को मुंबई में 'INDIA' गठबंधन की बैठक होने जा रही है। बठैक से पहले 8 अगस्त तक दिल्ली कोर्ट के 3 अहम फ़ैसले आने वाले हैं। कोर्ट के इस फैसले का बिहार की सियासत पर सीधा असर पड़ सकता है।

'INDIA' की तीसरी बैठक से पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर चल रहे लैंड फॉर जॉब मामले में फ़ैसला आने वाला है। वहीं IRCTC मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर किस तरह का मुकदमा चलेगा इस पर भी फ़ैसला आने वाला है।
पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन वापस जेल जाएंगे या बाहर रहेंगे, इस पर भी फैसला आ जाएगा। आपको बता दें कि दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर 7 और 8 अगस्त को फैसला आएगा। वहीं 8 अगस्त को आनंद मोहन की रिहाई मामले में भी सुनवाई होगी।
अमिताभ दास ने कहा कि राजपूतों के वोट बैंक को साधने की वजह से सीएम नीतीश कुमार ने नियम में संशोधन कर आनंद मोहन को जेल से बाहर निकाल दिया। उन्होंने यह फैसला लोकहित में नहीं लिया है, एक खूनी को बचाने के लिए लिया है।
पटना हाइकोर्ट ने आनंद मोहन को मौत की सज़ा सुनाई थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील किया था। स्व. कृष्णैया जी कि पत्नी का कहना है कि आनंद मोहन की उम्रक़ैद सिर्फ 20 साल के लिए नहीं थी, उन्हें जिंदगी की आखिरी सांस तक जेल में रहना था।
सुप्रीम कोर्ट इस मामले में भी फैसला सुनाएगा, जिसमें यह साफ हो जाएगा कि आनंद मोहन को ताउम्र जेल में रहना है या 20 साल के लिए उम्रकैद हुई है। अमिताभ दास ने कहा कि यह पूरी संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट आनंद मोहन कि रिहाई खत्म कर देगा और इसके साथ ही उनके उम्रकैद की सज़ा को भी साफ कर देगा।
आनंद मोहन की रिहाई रद्द होने से सीएम नीतीश कुमार के मंसूबे पर पानी फिरेगा, राजपूतों का वोटबैंक खिसकेगा। इसके साथ ही दलित वोटबैंक भी नीतीश कुमार से किनारा करेगा क्योंकि उन्होंने दलित अधिकारी के हत्यारे को छोड़ने के लिए नियम में संशोधन किया है।
अमिताभ दास ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के फ़ैसले पर चर्चा करते हुए कहा कि इन लोगों को मामले में ज़मानत मिलने की संभावना है। इससे बिहार की सियासत पर ज़्यादा असर नहीं पड़ने वाला है। NDA के मुकाबले में INDIA मज़बूत स्थिति में है। यही वजह है कि पीएम मोदी देश भर में दंगे भड़का कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।












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