अयोध्या मंदिर की तरह पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा बिहार का यह मंदिर, जानिए प्लान

बिहार में इन दिनों पर्टन को बढ़वा देने के लिए राज्य सरकार युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। पर्यटन विभाग प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों के विकसित करने की योजना तैयार कर पर काम कर रहा है।

पटना, 20 अप्रैल 2020। बिहार में इन दिनों पर्टन को बढ़वा देने के लिए राज्य सरकार युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। पर्यटन विभाग प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों के विकसित करने की योजना तैयार कर पर काम कर रहा है। इसी के मद्देनज़र थावे (गोपालगंज) के शक्तिपीठ मंदिर को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इस मंदिर को भव्य बनाने के लिए पर्यटन विभाग की तरफ़ से क़रीब 2 करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे, ताकि मंदिर को और भी ज़्यादा दिव्य और भव्य बनाया जा सके। ग़ौरतलब है कि मंदिर निर्माण के लिए ज़िला प्रशासन की तरफ़ से डीपीआर भी तैयार किया जा चुका है, जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

बिहार के मशहूर मंदिरों में शुमार है थावे मंदिर

बिहार के मशहूर मंदिरों में शुमार है थावे मंदिर

आपको बता दें कि बिहार के सबसे मशहूर मंदिरों में थावे मंदिर का नाम शुमार किया जाता है। यही वजह है कि बिहार सरकार थावे मंदिर को प्रमुख पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की तैयारी कर रही है। मंदिर में दूर-दूर से लाखों श्रद्धालू आते हैं इसी को देखते हुऐ मंदिर को भव्य पर्यटन स्थल बनाने का फ़ैसला लिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक डीपीआर तैयार किया जा चुका है। इसके तहत मंदिर के आस पास के इलाकों की स्थिति में सुधार किया जाएगा।

सैलानियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

सैलानियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

जिला प्रशासन की तरफ़ से तैयार किए गए डीपीआर में मंदिर का गोल चक्कर, एंट्री गेट,पार्किंग,मेला ग्राउंड,विवाह भवन, जंगल क्षेत्र,पुलिस कंट्रोल रूम,तालाब, म्यूजियम,हनुमान मंदिर, सफारी और बच्चों के खेलने के मैदान जैसी सभी छोटी बड़ी बुनियादी जगहों को बेहतर ढंग से बनाए जाने की बात कही गई है। ग़ौरतलब है कि जिस तरह अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, ठीक उसी तरह थावे के इस मंदिर को भी भव्य बनाया जाएगा ताकि पर्यटन के मद्देनज़र भी मंदिर की एक अलग पहचान बन सके। थावे मंदिर बिहार के बड़े पर्यटन स्थलों में शुमार किया जाता है। देश भर में मंदिर की अलग पहचान बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

चैत्र रामनवमी में लगता है एक माह का मेला

चैत्र रामनवमी में लगता है एक माह का मेला

बिहार के गोपालगंज (थावे) स्थित मंदिर में दूसरे राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों लोग घूमने के लिए आते हैं, यह मंदिर उनके लिए एक आस्था का प्रतीक है। हर साल लोग यहा दर्शन के लिए आते हैं। ग़ौरतलब है कि चैत्र रामनवमी के वक़्त थावे मंदिर में एक महीने का मेला लगाया जाता है। बुजुर्गों की मानें तो माता को एक भक्त ने पुकारा था तो राजा मनन सेन के नाश के लिए माता कामाख्या से थावे चलकर आई थी। और उसके बाद वह यहीं थावे में बस गई थी। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि माता के दर्शन करने से भक्तों की सारी मनोकामनाऐं पूरी होती हैं। आपको बता दें कि विध्याचल मंदिर के आधार पर थावे मंदिर का निर्माण किया जायेगा। मंदिर के कोने कोने को भव्य तरीके से तैयार किया जायेगा। ताकि यह मंदिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहेगा।

ये भी पढ़ें: बिहार के गांवों में भी होगी 24 घंटे बिजली की सुविधा, तैयार किया जा रहा ट्रांसमिशन नेटवर्क

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+