तेल की चमत्कारिक मान्यता! दूर-दूर से तेल लेने पहुंचते हैं भक्त, मंदिर का सैकड़ों साल पुराना है इतिहास
Bihar Temple: देश भर में कई जगहों की अनोखी मान्यता है, बिहार की राजधानी पटना के शनि मंदिर का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है।

Temple In Bihar: बिहार की राजधानी पटना में स्थित सैकड़ों साल पुराने मंदिर का अनोखा इतिहास है। बाहरी धवलपुरा (बेगमपुर, पूर्वी पटना) के लोगों का दावा है कि इससे बड़ी मूर्ति कहीं और नहीं देखी है। शनिदेव पर चढ़ने वाले तेल की भी अनोखी मान्यता है।
स्थानीय लोगों की मानें तो शनिदेव मंदिर में भगवान की मूर्ती पर चढ़ाए गए तेल से दर्द पर चमत्कारिक असर होता है। किसी भी प्रकार के दर्द पर मालिश करने पर काफी राहत मिलती है। मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों का कहना है कि यह मंदिर अनोखा है।
भक्तों की मानें तो वह लोग कई शनि मंदिर में दर्शन करने जा चुके हैं, लेकिन यहां की बात ही कुछ अलग है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर अलग इसलिए है, क्योंकि यहां शनिदेव की मूर्ति पर चढ़ाए गए तेल को जमा किया जाता है। भक्तों को जमा किया हुआ तेल दिया जाता है।
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भक्तों का कहना है कि वह इस मंदिर में दर्शन और पूजन करने के बाद तेल ले जाते हैं। इस तेल के इस्तेमाल से घुटने का दर्द और कमर दर्द जैसी परेशानियों मे काफी राहत होती है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि तेल को शरीर के किसी भी अंग पर लगा सकते हैं। अभिमंत्रित तेल को दर्द वाली जगहों पर लगाने से मिनट के अंदर दर्द पर असर होता है।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि शनि मंदिर में 11 फीट लंबी मूर्ति स्थापित की गई है। मंदिर में स्थापित शनिदेव की मूर्ति कीमती रत्न गोमेद से बनी हुई है। गोमेद पर हुई चारों तरफ नक्काशी बहुत ही शानदार दिखती है। पुजारी की मानें तो नक्काशी और अकृतियों को देखकर यह महसूस होता है कि मूर्ति हज़ारों साल पुरानी है।
इस प्राचीन मंदिर में दूर-दूर से भक्त आते हैं। उनकी मंदिर के तेल में बहुत ही ज्यादा श्रद्धा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि, यह आने वाले भक्तों कभी निराश नहीं लौटते हैं। यही वजह है कि देश भर से लोग यहां दर्शन और पुजन के लिए आते हैं।
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