पिता लालू प्रसाद को हुई सजा तो तेजस्वी यादव ने कहा- चारा घोटाले के अलावा बिहार में 80 घोटाला हुआ है
पटना। राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव को चारा घोटाले के पांचवें केस में भी 5 साल की सजा हो गई है। रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है। चारा घोटाले के अलावा ऐसा लगता है कि देश में कोई घोटाला नहीं हुआ है। बिहार में लगभग 80 घोटाले हो चुके हैं लेकिन सीबीआई, ईडी, एनआईए कहां है? देश में एक ही घोटाला और एक नेता है। विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी को भूल गई है सीबीआई।

तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव जी की तबीयत खराब है। लालू जी की थोड़ी सक्रियता आती है तो विपक्ष में छटपटाहट हो जाती है। मोदी, विजय माल्या, चौकसी इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और मेरे ऊपर लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। मुझे हनीमून पर जाना था, मुझे उसे कैंसिल कराकर बाहर जाना पड़ा।
सजा का ऐलान होने के बाद इसके बाद लालू की ओर से जमानत अर्जी दाखिल किए जाने की संभावना है और ज्यादा उम्र, कई बीमारियां और पहले मामले में आधी सजा काट चुके होने के तर्कों के साथ उन्हें बेल दिए जाने की गुहार लगाई जाएगी। आइए जानते हैं कि सोमवार को जिस पांचवें मामले में उन्हें सजा मिली है, वह क्या है और इससे पहले उन्हें किन मामलों में सजा मिल चुकी है और आगे किन मामलों की सुनवाई चल रही है।
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चारा घोटाले का पांचवां केस क्या है ? 1990 के दशक में तत्कालीन बिहार में शुरुआती करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले के खुलासे से देश की राजनीति में भूचाल आ गया था। क्योंकि, उस समय लालू यादव बिहार (झारखंड के गठन से पहले) के मुख्यमंत्री थे और केंद्रीय राजनीति में भी उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की बहुत बड़ी भूमिका थी।
यह केस राज्य सरकार के विभिन्न सरकारी कोषागारों (ट्रेजरी) में हुए घोटाले से जुड़ा है और पहले चार मामलों में लालू सजायाफ्ता मुजरिम हैं और पांचवां केस झारखंड की मौजूदा राजधानी रांची की डोरंडा ट्रेजरी से जुड़ा हुआ है। इस मामले में लालू यादव को सरकारी खजाने से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी पाए जाने के बाद 5 साल की सजा सुनाई गई है और 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।












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