Bihar: क्या बिहार में भी होगा महाराष्ट्र वाला खेला, इस बार RJD करेगी सेंधमारी? इस वजह से तेज हुईं अटकलें
Bihar Politics: महाराष्ट्र में सियासी भूचाल के बीच अब बिहार में भी राजनीतिक उथल-पुथल मचने की अटकलें तेज हो गई हैं। तो क्या बिहार में भी महाराष्ट्र वाला खेला होने जा रहा है। कुछ नेताओं के बयान से लग रहा है कि बिहार में भी सियासी समीकरण बिगड़ सकता है। शिक्षक भर्ती का मामला सबसे बड़ा बनता जा रहा है जिसके चलते जेडीयू और आरजेडी के कई विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे में बिहार की सियासत में कुछ भी हो सकता है।
संतोष मांझी बोले- तेजस्वी यादव 10 दिनों में मुख्यमंत्री बनेंगे
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष मांझी (Santosh Manjhi) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बिहार में भी महाराष्ट्र जैसा होने खेला होने जा रहा है लेकिन इसबार बीजेपी नहीं बल्कि आरजेडी (RJD) खेला करेगी। संतोष माझी ने कहा कि यह खेला 5 से 10 दिनों के भीतर होगा। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) 10 दिनों में मुख्यमंत्री बनेंगे। संतोष मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसलिए विचलित नजर आ रहे हैं। इसलिए अपने विधायकों से चोरी छिपे मिल रहे हैं। ढाई सालों में वह किसी से नहीं मिले और अब वह फोन कर बुला-बुलाकर सभी सांसदों और विधायकों से मिल रहे हैं।

आरजेडी और जेडीयू (jdu) के पास कितनी सीटें
बता दें कि महागठबंधन में इस समय सबसे बड़ी पार्टी राजद है जिसके पास वर्तमान में 79 विधायक हैं। जदयू के विधायकों की संख्या 46 है। तीसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है जिसके पास 19 विधायक हैं। भाकपा माले के पास 12 और भाकपा तथा माकपा के पास 2-2 विधायक हैं। अब
कैसे RJD बिगाड़ सकती है समीकरण
संतोष मांझी की बात माने तो समीकरण बिगड़ भी सकता है क्योंकि आरजेडी (RJD) के पास 79 विधायक हैं। लेकिन जेडीयू के पास मात्र 46 हैं। जेडीयू चाहकर भी आरजेडी से अलग होकर सरकार नहीं बना सकती है। लेकिन आरजेडी अगर अलग हो जाए तो तेजस्वी के साथ कांग्रेस और वाम दल मिल जाए तो आरजेडी खेमे में कुल 114 सीटें हो जाएंगी। यदि आरजेडी जेडीयू के 24 विधायकों को तोड़ने में कामयाब हो जाती है तो सरकार आराम से बना सकती है। वैसे सरकार बनाने के लिए तो 122 ही चाहिए लेकिन विधायकों को अयोग्य होने से बचाने के लिए 24 विधायक अगर आरजेडी में आ जाते हैं तो खेल बन सकता है।
भाजपा के लिए मुश्किल है सेंधमारी
दरअसल, वर्तमान में भाजपा और हम (HAM) को मिलाकर कुल 82 सीटें हैं। क्योंकि जेडीयू के 40 विधायकों को तोड़ना मुश्किल काम होगा। वहीं आरजेडी के विधायक जल्दी खेमा नहीं बदलते हैं तो भाजपा के लिए मुश्किल है सेंधमारी।












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