बिहार में चुनावी हार के बीच तेजस्वी यादव चुने गए विपक्ष के नेता, बैठक में किन-किन बातों पर हुई चर्चा
Tejashwi Yadav Leader of Opposition Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के तीन दिन बाद पार्टी ने बड़ा फैसला लिया है। 17 नवंबर को पटना के पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव को आधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष चुन लिया गया। खास बात यह रही कि बैठक में जीतने और हारने वाले दोनों तरह के विधायकों को बुलाया गया ताकि सभी की बात सुनी जा सके और हार की असली वजहों को समझा जा सके।
इस मीटिंग में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, बाहुबली नेता सूरजभान सिंह समेत लगभग सभी वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। मीटिंग करीब चार घंटे चली और माहौल काफी गंभीर रहा। नेताओं ने एक-एक कर अपने अनुभव और शिकायतें सामने रखीं।

🟡 कई विधायकों ने उठाया चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा
तेजस्वी आवास से निकलते समय विधायक आलोक मेहता ने दावा किया कि इस चुनाव में भारी गड़बड़ी हुई है और नतीजे उसी का असर हैं। वहीं मटिहानी सीट से जीते विधायक बोगो सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान कई जगह 10 हजार रुपए तक देकर वोट खरीदने की कोशिश हुई।
उन्होंने कहा कि एनडीए की जमीन पहले ही खिसक चुकी थी, लेकिन अंतिम समय में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर वोट प्रभावित किए गए। उनका आरोप था कि जीविका दीदियों का वोट खरीदा गया और चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए।
🟡 तेजस्वी ने हारने वाले उम्मीदवारों को क्यों बुलाया?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव ने खास तौर पर उन सभी प्रत्याशियों को बुलाया जो चुनाव हार गए। तेजस्वी व्यक्तिगत रूप से हर कैंडिडेट से फीडबैक लेने वाले हैं ताकि पता चल सके कि जमीन पर क्या गलत हुआ। कई उम्मीदवारों ने बूथ स्तर पर कमजोरी, संगठनात्मक ढिलाई और जनता के बीच मुद्दों की सही तरीके से पहुंच न बनाने जैसी बातें उठाईं।
🟡 टिकट वितरण और संगठन पर भी सख्त समीक्षा
बैठक में टिकट वितरण पर भी सीधे सवाल उठे। कई नेताओं ने माना कि कुछ सीटों पर गलत कैंडिडेट उतारे गए या स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी को संभाला नहीं गया। तेजस्वी ने साफ कहा कि अब हर स्तर पर समीक्षा होगी और जो कमी रही, उसे दुरुस्त किया जाएगा।
🟡 बिहार चुनाव 2025 के नतीजे: 35 सीटों पर सिमटी RJD
इस बार का चुनाव नतीजा कई राजनीतिक अनुमान तोड़ने वाला रहा। एनडीए ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और 243 सीटों में से 202 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। जबकि आरजेडी को कई रणनीतिक सीटों पर अप्रत्याशित हार मिली और सिर्फ 25 सीटें ही जीत पाई।
🟡 आगे की रणनीति: विपक्ष में मजबूत रोल की तैयारी
तेजस्वी यादव के नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद अब आरजेडी की कोशिश होगी कि वह विधानसभा में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाए। हार के बाद पार्टी की पहली बड़ी बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि आरजेडी अब आंतरिक सुधार और रणनीतिक बदलाव की ओर बढ़ने वाली है।












Click it and Unblock the Notifications