बिहार: स्कूल से लेकर कॉलेज तक की बदलेगी तस्वीर, इस प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा क्षेत्र में होगा बदलाव
स्मार्ट क्लास के लिए प्रदेश के 2 हज़ार 279 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। जहां अक्टूबर तक दो स्मार्ट क्लास संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पटना, 16 सितंबर 2022। बिहार में महागठंबधन की सरकार बनने के बाद युवाओं और छात्रों को लुभाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अब बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की कवायद तेज़ की जा चुकी है। इसी के मद्देनज़र बिहार के स्कूलों से लेकर महाविद्यालयों तक की तस्वीर बदली हुई नज़र आने वाली है। राज्य सरकार ने उन्नयन बिहार प्रोजेक्ट के स्मार्ट क्लास संचालित करने का फ़ैसला लिया है।

उन्नयन बिहार प्रोजेक्ट के तहत बदलेगी तस्वीर
स्मार्ट क्लास के लिए प्रदेश के 2 हज़ार 279 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। जहां अक्टूबर तक दो स्मार्ट क्लास संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रोफेसरों को भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश के शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सभी चुने हुए विद्यालयों में स्मार्ट क्लास निर्माण कार्य आखिरी स्टेज में है। स्मार्ट क्लास के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति की भी व्यवस्था की जा रही है। आपको बता दें कि उन्नयन बिहार प्रोजेक्ट के तहत राज्य सरकार 115 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

छात्रों को मिलेगी स्मार्ट क्लास की सुविधा
प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की तरफ़ से निर्देश जारी हो चुका है। सभी चयनित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट का काम अगले पखवारे पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। अगले महीने से छात्रों को स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इस बाबत विद्यालयों में कंप्यूटर और प्रोजेक्टर भी मुहैय्या करवा दी गई है। इसके साथ की कोर्स पैटर्न के जुड़े स्टडी मैटेरियल सॉफ्टवेयर भी दिए जा चुके हैं।

शिक्षा विभाग की तरफ से सभी कुलपतियों को निर्देश जारी
प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के संचालन को ध्यान में रखते हुए एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की तरफ से खास ट्रेनिंग भी दिलाई जा रही है। इसके अलावा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रशिक्षण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा मंत्रालय तरफ़ से राज्य सरकार को एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है। शिक्षा विभाग की तरफ से सभी कुलपतियों इसके मद्देनज़र निर्देश भी जारी किया गया है।

शिक्षकों को करना होगा 36 घंटे का कोर्स वर्क
शिक्षा मंत्रालय की तरफ़ से जारी एडवाइज़री के मुताबिक सभी स्थायी प्राध्यापक और अतिथि शिक्षकों को कोर्स वर्क करना होगा। 36 घंटे के कोर्स वर्क के दौरान छुट्टी लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ग़ौरतलब है कि शिक्षकों के लिए इग्नू ने 36 घंटे का कोर्स तैयार किया है। इस कोर्स को यूजीसी से मंजूरी भी मिल गई है। इस कोर्स के ज़रिए शिक्षकों के नई शिक्षा नीति के तहत काम करने का तरीका और उसके खास प्रावधानों की ट्रेनिंग दी जाएगी। ग़ौरतलब है कि सभी शिक्षकों को करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत कम से कम 6 दिन और ज्यादा से ज्यादा 9 दिन में कोर्स को पूरा करना होगा।
ये भी पढ़ें: बिहार: गायक पीएल यादव पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, विवादित गाने पर मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने लिया संज्ञान












Click it and Unblock the Notifications