बिहार: उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी जेल से चला रहा एफबी, सेल्फी वायरल
मुजफ्फरपुर की जेल में बंद एक उम्रकैदी की सेल्फी फेसबुक पर वायरल हो गई जिसके बाद जेल प्रशासन सवालों में घेरे में आ गया है।
पटना। जेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कही गई तमाम बातें तब विफल हो जाती हैं जब कैदी कानून व्यवस्था को धता बताते हुए कुछ ऐसे काम कर देते हैं जिनसे जेल प्रशासन के ऊपर अंगुलियां उठने लगती हैं। कुछ इसी तरह का मामला बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल मे प्रकाश मे आया है। यहां जेल में 3 वर्षों से कैद हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहा आरोपी मोबाइल पर खुलेआम बातचीत करता था और फेसबुक पर जेल से अपनी सेल्फी अपलोड की थी। वह सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

तस्वीर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया तो जिला प्रशासन और जिलाधिकारी ने मामले की जानकारी लेते हुए जेल अधिकारी की जमकर क्लास लगाई। मामले की जांच करने की बात कही गई। वहीं मिठनपुरा थाने में जेल में कैद उम्रकैद के आरोपी हिमांशु सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया गया।
मामले की पूछताछ के दौरान आरोपी बंदी ने तस्वीर को 2 साल पुरानी तस्वीर बताई। हलांकि मामले की जांच की जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए मुजफ्फरपुर जेल की जेलर मधुबाला सिन्हा ने कहा कि जब कैदी हिमांशु सिंह से कड़ाई से पूछताछ की गई तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल पाया और तस्वीर की हकीकत बता दी। उसने अपना गुनाह कुबूल करते हुए कहा कि यह तस्वीर आज की नहीं बल्कि 2 वर्ष पुरानी है तो जब उससे तस्वीर की बैकग्राउंड के बारे में पूछा गया तो उसने चुप्पी साध ली।
इस तस्वीर के बारे में उसने बताया कि उसके एक साथी ने जेल में उसकी तस्वीर वर्ष 2013 में ली थी जो 2015 में जेल से आजाद हो गया। जेल से बाहर जाने के बाद उसने एक प्रोफ़ाइल बनाते हुए तस्वीर अपलोड की थी। वहीं सूत्रों की मानें तो हिमांशु सिंह की फेसबुक प्रोफाइल में कई कुख्यात अपराधी फ्रेंड को तौर पर शामिल है जिसमें जिला के दहशतगर्द टूल्लू सिंह भी है। टूल्लू सिंह के बारे में ऐसा कहा जाता है कि पश्चिमी क्षेत्र का वह कुख्यात अपराधी है और उसने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर एके 56 के साथ एक तस्वीर वायरल की थी। जिसके बाद जेल प्रशासन ने कैद रहने के बावजूद फेसबुक चलाने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया था।
वहीं जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार से जब इस मामले पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि जांच-पड़ताल में तस्वीर 2013 कि बताई जा रही है। 2013 की तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। हिमांशु के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जेल प्रशासन और पुलिस प्रशासन के द्वारा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फोटो वायरल होने को लेकर दो पक्षों में जेल में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी पर जेल प्रशासन की सक्रियता से भिड़ंत होते-होते बच गई। जिसके बाद जेल प्रशासन ने मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल से एक दर्जन से अधिक बंदियों को दूसरे जेल भेजने का फैसला लिया जो जेल का माहौल खराब करते थे।












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