पटना HC की अतिरिक्त बेंच नहीं मिल सकती तो, मोदी सरकार से समर्थन वापस लें नीतीश: RJD सांसद भारती
राष्ट्रीय जनता दल (आजेडी) की सांसद मीसा भारती ने शुक्रवार (9 अगस्त, 2024) को जनता दल (यूनाइटेड) के एक सांसद से कहा कि अगर वे अपनी सरकार से भागलपुर या बिहार के किसी अन्य क्षेत्र में पटना हाई कोर्ट की पीठ स्थापित नहीं करवा सकते, तो उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
उन्होंने यह टिप्पणी लोकसभा में शून्यकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न पूछते हुए की। हाई कोर्ट की पीठ बनाने का मुद्दा सबसे पहले जेडीयू के गिरिधारी यादव ने उठाया था। इसके बाद, विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवाब दिया कि जसवंत सिंह आयोग की सिफारिशों के अनुसार, ऐसा प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श तथा राज्यपाल की मंजूरी के बाद भेजा जाना है।

मेघवाल ने कहा कि यही प्रक्रिया है। भागलपुर या पूर्णिया में पटना उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं, गिरिधारी यादव ने कहा कि उच्च न्यायपालिका केंद्रीय विषय सूची का हिस्सा है, वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने तर्क दिया कि सीमांचल क्षेत्र को एक खंडपीठ की सख्त जरूरत है। रंजन ने कहा कि कोसी, मिथिलांचल, सीमांचल और भागलपुर बिहार के सबसे गरीब क्षेत्र हैं और लोग न्याय पाने के लिए पटना नहीं जा सकते।
अपने साथियों की भावनाओं से सहमत होते हुए, भारती ने कहा कि मैं केंद्रीय मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हूं। अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से गिरिधारी से कहना चाहती हूं कि वे [मुख्यमंत्री] नीतीश कुमार से बात करके प्रस्ताव भेजें। और अगर वे ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए।












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