जहां पहली बार मिले थे राम-सीता, अब चमकेगा वो पवित्र स्थल, CM नीतीश ने किया शिलान्यास, देखें खास तस्वीरें
Ram-Sita First Meeting Site in Phulhar: बिहार की पावन भूमि एक बार फिर लौट रही है अपने धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव की ओर। मिथिला क्षेत्र, जो माता जानकी की जन्मस्थली और प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से पावन हुआ अब पर्यटन और आस्था का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। आगामी 8 अगस्त को सीतामढ़ी स्थित जानकी जन्मस्थल के सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संयुक्त रूप से करेंगे।
इसके साथ ही रामायण काल से जुड़ा एक और पवित्र स्थल फुलहर धाम, जहां माता सीता और प्रभु श्रीराम का प्रथम मिलन हुआ था उसके भव्य विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं इस स्थल के 31.13 करोड़ रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास कर इसकी आधिकारिक शुरुआत कर दी है।

अयोध्या के तर्ज पर विकास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को इस आध्यात्मिक स्थल के सौंदर्यीकरण और पर्यटकीय विकास के लिए 31.13 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले कार्यों का शिलान्यास किया। यह स्थल जनकपुरधाम से जुड़ी धार्मिक आस्थाओं का केन्द्र रहा है, लेकिन अब इसे अयोध्या के तर्ज पर विकसित करने की योजना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की गरिमा और दिव्यता को भली-भांति अनुभव कर सकें।
पौराणिकता और विकास का संगम
फुलहर वही स्थल है जहां विदेहराज जनक की पुत्री सीता फूल तोड़ने आई थीं और यहीं प्रभु श्रीराम ने उन्हें पहली बार देखा था। यही क्षण कालांतर में त्रेता युग के सबसे पावन मिलन में परिवर्तित हुआ, जिसने रामायण की नींव रखी। अब इस ऐतिहासिक स्थल पर मंदिरों, घाटों, प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश द्वार, विश्रामालय और अन्य पर्यटक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, 'फुलहर धाम हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसका भव्य विकास कर इसे धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। यह न केवल हमारी आस्था का विषय है बल्कि राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।'
स्थानीय जनता में उत्साह की लहर
फुलहर में सीएम के आगमन और इस ऐतिहासिक घोषणा के बाद स्थानीय जनता, संत-समाज, मिथिला क्षेत्र के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि इससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा और यह स्थल देशभर के राम-सीता भक्तों के लिए एक नया तीर्थ बनकर उभरेगा।
डिजाइन और सुविधाओं की झलक
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान प्रस्तावित डिज़ाइन की झलक भी साझा की गई, जिसमें भव्य प्रवेश द्वार, जलाशय के चारों ओर घाट, ध्यान केंद्र, पार्क, रोशनी और बैठने की सुंदर व्यवस्था प्रमुख हैं। इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ पर्यटक अनुभव भी मिलेगा।
ये भी पढ़ें बिहार के Sitamarhi में बनेगा भव्य जानकी मंदिर, नीतीश कुमार ने शेयर की पहली झलक! देखें प्रस्तावित डिज़ाइन









Click it and Unblock the Notifications