बिहार:मज़दूर बन गाना गाते हुए वायरल होने का रचा ड्रामा, जब हक़ीक़त आई सामने तो उड़े लोगों के होश
सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक अच्छा प्लैटफ़ॉर्म दिया है।
रोहतास, 10 जून 2022। सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक अच्छा प्लैटफ़ॉर्म दिया है। सोशल मीडिया के सहारे ही आम लोग रातों रात लोग स्टार बनकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। इन दिनों बिहार में सोशल मीडिया पर वायरल होने का ट्रेंड सा चल गया है। वहीं सोशल मीडिया से सुर्खियों में आने के लिए लोग अब फ़र्ज़ीवाड़ा भी कर रहे हैं। कुछ दिन पहले रोहतास में ईंट के भट्टे पर काम करने वाले युवक का गाना गाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। गरीब युवक समझ कर लोगों ने उस वीडियो को खूब सराहा था लेकिन जब हक़ीकत पता चली तो सभी के होश उड़ गए। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
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‘मजबूरी में मजदूरी का कर रहा हूं’
रोहतास से ईंट-भट्टे पर काम करने वाले एक युवक का गाना गाते वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वह दिल मेरे तू दीवाना है, पागल है मैंने माना है गाना गाते हुए नज़र आ रहा था। सूर्यवंशम मूवी अपने समय की हिट मूवी रही थी और युवक ने उसी फिल्म के गाने को गाया था। आवाज़ सुन कर लोगों ने खूब सराहना की थी। वहीं जब युवक राकेश से उसके बारे में जानकारी ली तो उसने बताया कि वह कुमार शानू का फैन है। उसने एएस कॉलेज बिक्रमगंज से स्नातक तक पढ़ाई की है। नौकरी नहीं मिलने की वजह से मजबूरी में मजदूरी का कर रहा है।

राकेश को ग़रीब समझ रहे थे लोग
वायरल युवक राकेश ने बताया कि वह ईंट भट्ठे पर काम करने के साथ ही वक्त निकाल कर गाने की प्रैक्टिस भी करता है। एक दिन बिक्रमगंज ईंट भट्ठे के पास से गुजरते वक्त किसी ने राकेश को गाते हुए सुना। उसकी आवाज़ से प्रभावित होकर उस इंसान ने राकेश का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और राकेश की सराहना की। कई लोगों ने वीडियो को शेयर भी किया। उस वक़्त तक लोग समझ रहे थे कि वह बहुत ही मजबूर है इसके हुनर को पहचान मिलनी चाहिए।

राकेश की हक़ीक़त देख उड़े लोगों के होश
राकेश की हक़ीक़त दुनिया के सामने जब आई तो लोगों के होश उड़ गए। राकेश की सरकारी स्कूल से रिटायर्ड हो चुकी हैं। वह मां विंध्याचली देवी स्कूल में बतौर शिक्षिका थीं। इसके साथ ही राकेश के पिता (दिनेश सिंह उर्फ दीनानाथ) भी सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। इसके साथ उनका पेशा प्रॉप्रटी डीलिंग का भी है। राकेश रंजन के पास गांव में करोड़ो रुपये की पुश्तैनी ज़मीन है। वह नटवर थाना क्षेत्र के के मुसवत गांव(सरांव पंचायत) में रहते हैं। ग़ौरतलब है कि राकेश बिक्रमगंज स्थित अपने आलीशान मकान में पूरे परिवार के साथ रहते हैं। उनका मकान देख कर यह नहीं लगेगा की वह मजदूर का घर है।

गोलगप्पे बेचते हुए भी गाया था गाना
राकेश जिस ईंट भट्ठे पर काम करता है वहां के मालिक रंजीत से वन इंडिया हिंदी ने बात की। रंजीत ने बताया कि राकेश बेरोज़गार था और नौकरी ढूंढ रहा था तो क़रीब 20 दिन से हमारे यहां मुंशी का काम कर रहा है। वहीं उन्होंने राकेश के ड्रामा पर कहा कि वह एक कलाकार है, उन्हें प्लैटफ़ार्म नहीं मिल रहा था तो इसलिए राकेश ने ये क़दम उठा। आजकल सोशल मीडिया पर इसी तरह से लोग वायरल हो रहे हैं। सोशल मीडिया के ज़रिए जल्दी प्लेटफॉर्म मिल जाता है। वहीं राकेश के इस कारनामे पर स्थानीय लोगों का कहना है कि राकेश फेमस होने के चलते राकेश ने गोलगप्पा बेचते हुए भी गाना गाया था लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। फिर उसने भट्ठे पर गाचे हुए मशहूर होने की कोशिस की लेकिन अब उसकी पोल खुल गई है।
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