Bihar Politics: कौन हैं प्रिंस राज, जिसके सहारे मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी में NDA, समझिए सियासी मायने
Bihar Political News: बिहार में एनडीए सरकार बनने के 45 दिन बाद नीतीश सरकार के कैबिनेट का विस्तार हो रहा है। गुरुवार शाम 5 बजे नीतीश सरकार की नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह दी जा सकती है। इन्हीं चर्चाओं के बीच समस्तीपुर से लोजपा सांसद प्रिंस राज का नाम सुर्खियों में है।
नीतीश सरकार की नई कैबिनेट में प्रिंस राज जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। चुनावी मौसम में 34 वर्षीय प्रिंस राज पर भाजपा के मेहरबान होने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। सियासी गणित बाद में समझेंगे, इससे पहले प्रिंस राज के बारे में जानते हैं।

खगड़िया में 7 जुलाई 1989 को प्रिंस राज का जन्म हुआ था। राम विलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान (समस्तीपुर के पूर्व सासंद) के बेटे हैं। रामचंद्र पासवान ने समस्तीपुर लोकसभा सीट पर साल 2019 लोकसभा के चुनाव में जीत हासिल की थी। इसके कुछ दिन बाद ही उनकी मौत हो गई थी।
पिता की मौत के बाद समस्तीपुर सीट पर हुए उपचुनाव में लोजपा की रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज ने चुनावी दांव खेला और जीत हासिल की। इसके बाद प्रिंस राज को लोजपा बिहार अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई। उससे पहले पशुपति कुमार पारस अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे।
प्रिंस राज ने साल 2015 के विधानसभा चुनावी में समस्तीपुर रोसड़ा से चुनावी दांव खेला था, लेकिन हार गए थे। चिराग पासवान ने पार्टी विरोधी गतिविधि की वजह से जून 2021 में प्रिंस राज समेत अपने 5 सांसदों को बर्खास्त कर दिया था।
चिराग पासवान की कार्रवाई के बाद लोजपा दो गुटों में बंट गईं। चिराग पासवा और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने अपनी अलग पार्टी बना ली। प्रिंस राज ने पशुपति पारस का दामन थामा। वहीं पारस की पार्टी का नाम नाम राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी रखा गया, चिराग पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) रखा।
प्रिंस राज को नीतीश कैबिनेट में जगह देने के साथ ही एनडीए ने यह दांव खेला है कि अगर पशुपति पारस को समस्तीपुर लोकसभा सीट दिया जाए तो प्रिंस राज विरोध नहीं करे। क्योंकि एनडीए गठबंधन की तरफ़ हाजिपुर सीट से पशुपति पारस के खाते में जाने की संभावना कम है।
प्रिंस राज समस्तीपुर से मौजूदा सांसद हैं, अगर उन्हें किनारे कर पशुपति पारस को टिकट मिलता है तो विरोधी स्वर तेज़ हो सकते हैं। क्योंकि प्रिंस राज खुद भी पारस गुट के हैं और समस्तीपुर से ही चुनाव लड़ने के ख्वाहिशमंद हैं।
सूत्रों की मानें तो एनडीए में जो सीट बंटवारा हुआ है उसके तहत चिराग के खाते में 5 सीट गई है। इसके अलावा पशुपति पारस के खाते में 1 सीट गई है जो कि समस्तीपुर लोकसभा सीट है। ऐसे प्रिंस राज को किसी और जगह शिफ्ट करने के लिए मनाना ज़रूरी थी। इसलिए उन्हें नीतीश के नई कैबिनेट में जगह दी जा रही है।












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