Bihar Chunav 2025: बिहार के दर्द की समझ नहीं, सिर्फ हिंदू-मुसलमान करना है, PK ने Cm Yogi को लिया आड़े हाथों
Bihar Chunav 2025: बिहार में अपने अभियान के दौरान जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने मधेपुरा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। PK ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को बिहार के लोगों के दर्द की समझ नहीं है, उन्हें सिर्फ धर्म की राजनीति में मजा आता है।
"योगी को बिहार के पलायन का दर्द नहीं समझ आता"
PK ने कहा कि जब लाखों बिहारी मजदूर यूपी और दूसरे राज्यों में जाकर मेहनत करते हैं, तो वहां के नेताओं को उनकी मजबूरी नहीं दिखती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, योगी आदित्यनाथ को बिहार के लोगों का दर्द समझ नहीं आता। उन्हें बस हिंदू-मुसलमान करना है।

यूपी में विकास हो रहा है और बिहार पीछे छूट रहा है, इस पर उन्हें शर्म नहीं, मज़ा आ रहा है। PK ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि बिहार के लोगों ने अपनी मेहनत से पूरे देश की अर्थव्यवस्था को संभाला है, लेकिन बिहार में रोजगार की कमी के कारण पलायन आज भी जारी है।
"पलायन बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी है"
PK ने पलायन को बिहार की "सबसे बड़ी सामाजिक और आर्थिक बीमारी" बताया। उन्होंने कहा कि जब तक बिहार अपने युवाओं को गांव में रोजगार नहीं देगा, तब तक विकास की बात बेमानी है। "बिहार के बच्चे छठ पर घर आते हैं और छठ के बाद फिर मजदूरी के लिए दिल्ली, पंजाब, गुजरात निकल जाते हैं। अगर 14 तारीख को जनसुराज की सरकार बनी, तो अब कोई बच्चा मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाएगा।" उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों की पीठ से मजदूरी का बोझ हटाना ही जनसुराज का मकसद है।
ध्रुवीकरण की राजनीति पर प्रहार
PK ने योगी आदित्यनाथ की राजनीति को "विकास से ध्यान भटकाने वाली राजनीति" करार दिया। उन्होंने कहा कि जब नेताओं के पास जनता के सवालों का जवाब नहीं होता, तब वे हिंदू-मुसलमान का कार्ड खेलते हैं। "जब भी बेरोजगारी और पलायन की बात उठती है, तो हिंदू-मुसलमान का मुद्दा सामने ला दिया जाता है। बिहार के लोग अब समझ चुके हैं कि यह सिर्फ वोट के लिए खेला गया खेल है।"
"जनसुराज बनाम ध्रुवीकरण", PK की नई चुनावी लाइन
मधेपुरा की रैली में PK ने साफ किया कि आने वाले चुनाव में जनसुराज का मुकाबला न सिर्फ NDA और RJD से, बल्कि उस सोच से है जो बिहार को पिछड़ेपन में रखना चाहती है। "हम बिहार में नई व्यवस्था बनाना चाहते हैं। अब वक्त है धर्म की राजनीति को छोड़, विकास की राजनीति करने का।"
मधेपुरा में PK का यह बयान न सिर्फ NDA और RJD दोनों के खिलाफ था, बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा प्रहार भी था। उन्होंने पलायन, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी विमर्श को धार्मिक ध्रुवीकरण से हटाने की कोशिश की।












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