Bihar News: फिर टूटा विकास का पुल! जमुई में उलाई नदी पर बना बरमसिया कॉजवे बहा, गांवों का शहर से संपर्क कटा
Bihar News: बिहार में भारी बारिश एक बार फिर विकास की पोल खोलती नजर आ रही है। जमुई जिले के झाझा प्रखंड में उलाई नदी पर बने बरमसिया कॉजवे पुल का बड़ा हिस्सा तेज बहाव के चलते धंस गया है। पुल के धंसते ही न सिर्फ शहर का संपर्क कई गांवों से टूट गया, बल्कि स्थानीय निवासियों की परेशानी भी चरम पर पहुंच गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, झाझा प्रखंड के महापुर पंचायत क्षेत्र के चांय, बरमसिया, चितोचक, महापुर, तुम्हापहाड़, परासी और लौंगाय जैसे कई गांवों को जोड़ने वाला यह कॉजवे पुल बीते कुछ दिनों से बारिश के कारण बेहद कमजोर हो चुका था।

पुल में आ गई थी गहरी दरार:
पुल में डेढ़-डेढ़ फुट गहरी दरारें उभर आई थीं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आवाजाही पर रोक तो लगा दी थी, लेकिन रविवार को तेज बारिश और नदी के तेज बहाव ने आखिरकार करीब 20 फुट हिस्से को पूरी तरह धंसा दिया।
आवागमन ठप, बाजार से टूटा जुड़ाव:
पुल के धंसने के बाद दर्जनों गांवों का झाझा शहर के मुख्य बाजार और स्वास्थ्य संस्थानों से सीधा संपर्क टूट गया है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतें और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाएं भी अब मुश्किल हो गई हैं।
प्रशासन ने कसी कमर:
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी और संबंधित विभाग हरकत में आए हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लकड़ी की अस्थायी पटरी बिछाने और दोपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक गेटवे तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
उठे कई सवाल:
बरमसिया कॉजवे के धंसने की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या हमारे ग्रामीण इलाकों में बनने वाले बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता वाकई टिकाऊ है? हर साल बारिश में पुल बह जाते हैं, सड़कें टूट जाती हैं और गांव एक बार फिर शहर से कट जाते हैं। सवाल उठता है-क्या इन पुलों के निर्माण में सिर्फ बजट खर्च करना मकसद है या वास्तव में जनता की सहूलियत?












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