Bihar Chunav 2025: तेजस्वी-मुकेश सहनी की जोड़ी पर Prashant Kishor ने कसा तंज़, भाजपा को भी निशाने पर लिया
Bihar Chunav 2025: बिहार की राजनीति में इन दिनों घोषणाओं और तंजों का सिलसिला लगातार तेज हो गया है। महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तीखा हमला बोला है।
PK ने कहा कि इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सबको पहले से मालूम था कि अगर लालू यादव का 'जंगलराज' लौटेगा, तो तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे। PK का यह बयान महागठबंधन की राजनीति पर सीधा वार माना जा रहा है, जो RJD के प्रभुत्व और पारिवारिक नियंत्रण की ओर इशारा करता है।

BJP पर भी निशाना, फिर केंद्र में रोजगार का मुद्दा
प्रशांत किशोर ने सिर्फ RJD पर ही नहीं, बल्कि बीजेपी पर भी करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दो हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का दावा किया था ताकि प्रवासी बिहारी छठ के लिए आराम से घर लौट सकें, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी लोग जानवरों की तरह ट्रेनों में धक्का खाकर लौट रहे हैं। उनका यह बयान उस गहरी आर्थिक और रोजगार की चिंता को उजागर करता है जो आज बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक सच्चाई बन चुकी है।
जनता के मुद्दे बनाम सियासी समीकरण
PK के बयानों से यह साफ झलकता है कि 2025 का चुनाव सिर्फ जातीय समीकरण या चेहरे की लड़ाई नहीं, बल्कि रोजगार और सम्मान के सवाल पर भी खड़ा हो रहा है। जहां एक ओर महागठबंधन 'नेतृत्व की एकता' दिखाने की कोशिश में है, वहीं प्रशांत किशोर 'जनता के मुद्दों' को केंद्र में लाने की रणनीति पर हैं। यह टकराव बिहार की राजनीति में नए विमर्श की शुरुआत कर सकता है-जहां सिर्फ चेहरे नहीं, बल्कि नौजवानों की उम्मीदें भी दांव पर होंगी।
जनता की कसौटी पर सबकी परीक्षा
बिहार की सियासत में चाहे RJD का नेतृत्व हो, बीजेपी का वादा या प्रशांत किशोर का संदेश - अंततः परीक्षा जनता की होगी। छठ की भीड़ में जो युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, वही इस बार वोट के जरिए तय करेंगे कि 'जंगलराज', 'डबल इंजन' या 'जन सुराज', इनमें से कौन-सा रास्ता बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगा।












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