दाह संस्कार के लिए नहीं थे पैसे तो परिजनों ने घर के आंगन में दफनाया शव, फिर पुलिस ने किया ये काम
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में एक युवक की मौत हो जाने के बाद उसके शव को आंगन में ही दफना दिया गया। दरअसल, परिजनों के पास उसके दाह संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, जिसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। आसपास के लोगों को जब इस बात की जानकारी हुई तो हत्या की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए शव को गड्ढे से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद शव को स्वजनों को सौंप दिया और कुछ स्थानीय लोगों की मदद से दाह संस्कार भी करा दिया।

मिर्गी की बीमारी से ग्रसित था गुड्डू
परिजनों के अनुसार, मृतक गुड्डू मंडल कूड़ा चुनने का काम करता था और वह मिर्गी की बीमारी से ग्रसित था। रात में भी मिर्गी का दौरा आया, जिसके बाद घर वालों ने हाथ-पैर दबाकर नॉर्मल करते हुए उन्हें सुला दिया था। मिर्गी की बीमारी का कई बार इलाज भी कराये जाने का परिजनों ने दावा भी किया। सुबह में जब मृतक के भाई ओमप्रकाश मंडल ने देखा तो पाया कि उनके भाई की मौत हो गयी। खराब आर्थिक स्थिति के कारण वे लोग डॉक्टर के पास भी नहीं जा सके।

गड्ढा खोदकर दफनाया शव
गुड्डू के दो भाई ओम प्रकाश और अजय ठेला चलाते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण उनलोगों को खाने के लाले पड़े हुए थे। ऐसे में वे लोग भी दाह संस्कार करने में असमर्थ थे। तब सभी ने शव को घर में ही दफना देने का फैसला किया। इसके बाद गड्ढा खोदकर उसमें काफी मात्रा में नमक डाल शव को दफन कर दिया।

पड़ोसियों को हुआ शक
पड़ोसियों ने मृतक के भाई ओमप्रकाश मंडल और दोनों बेटों को शव को दफनाते हुए देखा लिया। इसके बाद पड़ोसियों ने नगर पार्षद कल्पना देवी समेत इशाकचक थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आंगन को खोद कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया गया है। वहीं, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस हरेक बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications