पटना नगर निगम की बैठक में लोकतंत्र की उड़ी धज्जियां, एजेंडा छोड़ पार्षदों ने फाड़े कुर्ते, क्या है पूरा मामला?
Patna municipal board meeting clash: पटना नगर निगम की बोर्ड बैठक कब लोकतंत्र का मंच बनेगी और कब अखाड़ा इसकी कोई गारंटी नहीं! गुरुवार को हुई बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी, लेकिन बहस की जगह कुर्ता फाड़ मुकाबले ने पूरी महफ़िल लूट ली। पार्षदों ने एजेंडे पर बहस करने के बजाय एक-दूसरे की शर्ट पकड़ ली, और बात घंटों की बहस से ज़्यादा मिनटों की मारामारी तक पहुंच गई।
मेयर सीता साहू द्वारा पेश किए गए एजेंडे का इतना कड़ा विरोध हुआ कि खुद निगम आयुक्त अनिमेष पाराशर ने भी इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए विरोध दर्ज कर डाला। लेकिन अफसोस, किसी ने उनकी बात नहीं सुनी क्योंकि उस वक्त पार्षदों की प्राथमिकता सुनना नहीं, फाड़ना थी! ऐसे में सवाल ये नहीं कि एजेंडा पास हुआ या नहीं, सवाल ये है कि बचे कितने कुर्ते और कितनी गरिमा?

जानिए क्या है पूरा मामला?
पटना नगर निगम की हालिया बोर्ड बैठक में उस वक्त हंगामा मच गया जब मेयर सीता साहू द्वारा प्रस्तुत किए गए एजेंडे का पार्षदों ने जमकर विरोध किया। बैठक का उद्देश्य नगर से संबंधित विकास कार्यों और नीतियों पर चर्चा करना था, लेकिन माहौल पूरी तरह से राजनीतिक खींचतान और व्यक्तिगत टकराव में बदल गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब निगम आयुक्त अनिमेष पाराशर ने न सिर्फ इसका विरोध किया, बल्कि साफ तौर पर इसे नियमविरुद्ध बताया। उनका कहना था कि एजेंडा पास करने की जो तय प्रक्रिया होती है यानी पूर्व स्वीकृति, बोर्ड सदस्यों की जानकारी और अनुमोदन उन तमाम कायदे-कानूनों को दरकिनार कर दिया गया। नतीजा ये हुआ कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जगह बैठक में राजनीतिक कुश्ती और कुर्ता फाड़ प्रतियोगिता देखने को मिली।
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घटनाक्रम की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी- मेयर
वहीं इस घटना को लेकर news4nation से बात करते हुए पटना की मेयर सीता साहू ने बोर्ड बैठक में हुए हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, मैं 2017 से पद पर हूँ, लेकिन इतने वर्षों में इस तरह की अशोभनीय हरकतें पहले कभी नहीं देखीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर निगम जैसी महत्वपूर्ण संस्था की बैठक में भी कुछ पार्षद जानबूझकर अव्यवस्था फैलाकर काम में बाधा डालने पर तुले हैं। अपना आक्रोश ज़ाहिर करते हुए मेयर ने बताया कि दो पार्षद इंद्रदीप (वार्ड 47) और आशीष (वार्ड 38) जिनका उस कमेटी से कोई लेना-देना नहीं था, बैठक में आकर उदंडता का प्रदर्शन करने लगे और सभी एजेंडों को पटरी से उतारने की कोशिश की। मेयर ने यह भी कहा कि यह व्यवहार शहर के विकास के साथ खुला खिलवाड़ है, और इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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