बिहार: दवाई खाने के बाद बना ऐसा डरावना चेहरा, देखकर उड़ जाएंगे होश!
बिहार के नवादा जिले के रहने वाले एक 16 वर्षीय लड़के के चेहरे पर एक छोटी सी फुंसी हुई जिसके दर्द से निजात पाने के लिए उसने एक दवा ली थी लेकिन दवा का असर ऐसा हुआ कि देखने वालो के रौंगटे खड़ें हो गए।
पटना। दवा जिसे लोग दर्द और तकलीफ में इस्तेमाल करते हैं जिनसे उनको तुरंत राहत भी मिलती है। लेकिन, कभी कभी यही दवा राहत के बजाय घातक बन जाती है और इसका इफेक्ट इतना भयानक होता है कि लोग इसके परिणाम की कल्पना भी नहीं कर पाते हैं। बता दें कि कुछ ऐसा ही हाल में बिहार के नवादा जिले के रहने वाले एक 16 वर्षीय युवक के साथ हुआ था। चेहरे पर एक छोटी सी फुंसी जिसके दर्द से निजात पाने के लिए उसने एक दवा खा ली थी। दवा का असर ऐसा हुआ कि फुंसी का दर्द ठीक होना तो दूर उसका चेहरा ही विचित्र हो गया। इस विचित्र चेहरे को देख कर खुद युवक भी डर गया तो गांव वालों का हाल क्या हुआ होगा। ये भी पढ़ें: बिहार: बुजुर्ग के पेट में मिला गिलास, देखकर चकरा गए डॉक्टर


छोटी सी फुंसी से हुआ ऐसा हाल
दर्द की दवा के साइड इफेक्ट का ऐसा असर हुआ कि उसका चेहरा इतना भयानक हो गया, जिसे देख कर उसके घर वाले दंग रह गये। उन्होंने कभी सपने में भी ये कल्पना नहीं की थी कि एक छोटी सी फुंसी इतना भयानक रूप धारण कर लेगी। दवा के रिएक्शन से परेशान बिहार के नवादा जिले के तिलकचक गांव के रहने वाले 16 वर्षीय मिथुन को देखकर गांव के लोग और बच्चे दोनों डरने लगे । जब भी उन्हें कहीं मिथुन नजर आ जाता था तो उसे भूत-भूत का कह कर चिढ़ाने लगते थे। बच्चों और गांव वालों के द्वारा इस तरह की बात कहे जाने पर मिथुन चुपचाप अपनी गरीबी और बेबसी पर सोचते हुए वहां से निकल जाता था। लेकिन अब उसके दिन बदलने वाले हैं। वह फिर से पुराना मिथुन बनने वाला है क्योंकि उसका इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है।वहीं, इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि 1 फरवरी को मिथुन का ऑपरेशन किया जाएगा जिसके बाद वह बिल्कुल पहले जैसा दिखने लगेगा।

दर्द में ली दवाई ने किया ऐसा भयानक रिएक्शन
मिथुन के इस चेहरे की वजह एक दवा बताई जा रही है। चेहरे पर हुई एक फुंसी के दर्द से निजात पाने के लिए उसने एक दवा खायी थी। लेकिन किसी कारणवश दवा सूट करने के बजाए रिएक्शन कर गई। धीरे-धीरे दवा का साइड इफेक्ट ऐसा हुआ कि मिथुन के मासुम चेहरे ने भयानक रूप ले लिया। इसके बारे में जानकारी देते हुए मिथुन के पिता रामजी चौहान ने बताया कि बचपन से ही उसके चेहरे पर एक फुंसी थी। जैसे-जैसे मिथुन बड़ा होता गया वैसे-वैसे फुंसी भी बड़ी होती गई। फुंसी बड़ी होने के बाद दर्द होना शुरु हो गया। फुंसी के दर्द से परेशान मिथुन को इलाज के लिए कई बार जिले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन कहीं भी उसका इलाज संपूर्ण नहीं हुआ। जब भी कभी उसे फुंसी की वजह से दर्द होता था तो बगल के मेडिकल स्टोर से एक दवा लाकर खिला दी जाती थी। दवा से दर्द तो कम हो जाता था लेकिन फुंसी में कोई सुधार नहीं हुआ। एक दिन दर्द से कराह रहे मिथुन को एक दवा खिलाई गई जिसके बाद धीरे-धीरे वह फुंसी विकराल रुप धारण करने लगी। जिसका नतीजा ऐसा हुआ कि उसे अपना चेहरे देख कर भी डर लगने लगता था।

इस रोग के चलते बीच में ही छूटी मिथुन की पढ़ाई
गांव के बच्चे जो उसके साथ खेला करते थे, वहीं बच्चे अब उसके पास आने से कतराने लगे थे। वाकई उसका चेहरा इतना भयानक हो गया था कि गांव की मां अपने बच्चे को उसके चेहरे का डर दिखाकर सुला देती थी। चेहरे के इस विचित्र रुप से उसकी पढ़ाई लिखाई भी रुक गई। वहीं, मिथुन और उसके परिवार वाले अपनी गरीबी और मिथुन की किस्मत को देखकर चुप बैठे रहते थे। उनका कहना था कि यह सब मिथुन के पिछले जन्म का पाप है या फिर इस हंसते खेलते बच्चे पर किसी की नजर लग गई है।

गरीबी के कारण नहीं हो पाया था पूरा इलाज
मिथुन के परिवार वाले आर्थिक तंगी और गरीबी के चलते मिथुन का इलाज करवाने में असमर्थ थे। मिथुन के पिता खेती-बाड़ी कर अपने तथा अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। पैसे की कमी के चलते उसका इलाज प्राइवेट नर्सिंग होम में नहीं बल्कि सरकारी अस्पताल में करवाया जा रहा था। मिथुन के पिता का कहना है कि गरीबी में जहां तक संभव हो सका हम लोगों ने उसका इलाज करवाया। लेकिन जिले के सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने के बाद वहां के डॉक्टरों ने यह साफ-साफ कह दिया था कि उसका इलाज यहां संभव नहीं है, उसका किसी दूसरे राज्य के प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज करवाना पड़ेगा।

मिल गया न्यूज लायंस क्लब का साथ, अब ठीक होगा मिथुन
मिथुन की बदसूरत जिंदगी और गांव वालों के द्वारा दिए जाने वाले दर्द को चुपचाप सहने पर मजबूर उसके परिवार वालों को भगवान के रूप में न्यूज लायंस क्लब का साथ मिला और उसने मिथुन के इलाज की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है। वहीं, इलाज के लिए सबसे पहले उसका टेस्ट करवाया गया। जिसमें इस बीमारी के बारे में पता चला और इसका इलाज करवाने के लिए उसे इंदौर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया। मिथुन का इलाज करवा रहे संजय पांडे का कहना है कि ऐसा पहली बार देखा गया है कि जहां इतने कष्ट को सहते हुए ये बच्चा अब तक जिंदा था। क्योंकि आज कल की दुनिया में जरा सी परेशानी आने पर लोग खुदकुशी से लेकर कई तरह के हथकंडे अपनाने लगते हैं। वहीं, इंदौर में इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि 1 फरवरी को उसका ऑपरेशन किया जाएगा जिसके बाद वह फिर से पुराने रूप में आ जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications