नेपाली नगर अवैध अतिक्रमण मामले में हज़ारों परिवार को राहत, पढ़िए हाईकोर्ट के फ़ैसले के 5 मुख्य बिंदु
Patna Highcourt का नेपाली नगर अवैध अतिक्रमण मामले में 10 महीने बाद फैसला आया है। कोर्ट के फैसले से हज़ारों परिवारों के चेहरे पर खुशी की लहर है।

Patna High Court News: नेपाली नगर में 21 जुलाई 2022 को जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। उनका कहना था कि लोगों को नोटिस देने के बाद भी अवैध क़ब्ज़ा जमाये हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि बिना नोटिस दिए अतिक्रमण हटाने के लिए टीम पहुंची है। इस जगह पर कई सालों से हज़ारों परिवार रह रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने गई टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प मामले में राजीव नगर थाने में अलग-अलग दो मामले भी दर्ज हुए थे। 40 एकड़ ज़मीन से क़ब्ज़ा हटाने पहुंची टीम द्वार घरों को तोड़ा भी गया। जिसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस पर हमला किया गया था।
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राजीव नगर थाने में पटना पुलिस और आवास बोर्ड की तरफ स्थानीय लोगों के खिलाफ 20 से ज्यादा मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें 10 लोग जेल भी गए, 5 को हाइकोर्ट से ज़मानत मिली और 5 लोगों के मामले में जांच जारी है। करीब 10 महीने बाद न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच ने पीड़ितों के पक्ष में फैसाल सुनाया।
पटना हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवारों के हक में फ़ैसला सुनाते हुए तोड़े गए मकान के एवज़ में 5-5 लाख मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। इसके साथ 2018 से पहले बने मकानों के सेटलमेंट का भी जारी किया। ग़ौरतलब है कि अतिक्रमण मामले में दायर याचिका पर न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच में करीब चार महीने पहले ही सुनवाई पूरी हो गई थी
कोर्ट ने लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को फैसला सुनाया, कोर्ट के इस फैसले से 400 एकड़ बसे 2 हजार से ज्यादा परिवारों को राहत मिली है। 21 जुलाई 2022 को जिला प्रशासन की टीम नेपाली नगर में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। टीम का कहना था कि लोगों को नोटिस दे दिया गया है। सभी अवैध कब्जा बनाकर रह रहे हैं। वहीं लोगों का कहना था कि हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया है। हम यहां कई सालों से रह रहे हैं।
नेपाली नगर की 40 एकड़ की जमीन को कब्जे में लेने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस की कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया था। पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इस पूरे मामले को लेकर राजीव नगर थाने में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे।
पटना हाईकोर्ट के फैसले के 5 मुख्य बिंदु से समझिए पूरा मामला
| 1 | पटना हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन द्वारा नेपाली नगर में की गई कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। |
| 2 | HC ने कहा कि लोगों को नोटिस दिया गया और ना ही उन्हें अपील करने का मौका दिया गया। |
| 3 | प्रशासन ने जिन घरों पर कार्रवाई की है वहां रह रहे लोग अतिक्रमणकारी नहीं हैं। |
| 4 | दीघा स्पेशल सेटलमेंट एक्ट और स्कीम नेपाली नगर के लोगों के लिए ही बनी थी। राज्य सरकार ने स्कीम का पालन नहीं किया। |
| 5 | पटना हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। |












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