Patna News: योजना में ढिलाई पर पटना DM की सख्ती, 581 बंद योजनाओं पर एक सप्ताह का अल्टीमेटम
Patna DM IAS Dr.Thiyagarajan SM News: बिहार सरकार की महत्त्वाकांक्षी "हर घर नल का जल योजना" की जमीनी हकीकत पर पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हालिया समीक्षा में यह उजागर हुआ कि 3,694 जांची गई योजनाओं में से 581 योजनाएं पूरी तरह अकार्यरत है, यानी हजारों घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
क्या पाया गया समीक्षा में?
पटना जिला की 4,147 नल-जल योजनाओं में से 3,694 की जांच कराई गई।
केवल 3,113 योजनाएं ही क्रियाशील, बाकी 581 योजनाएं बंद।
159 योजनाएं अभी भी अपूर्ण, यानी अधूरे ढांचे और लाभ से वंचित ग्रामीण।
814 टोलों (246 पूर्वी, 568 पश्चिमी) में योजना अब तक पहुंच ही नहीं पाई।

डीएम ने बताई लापरवाही की असल वजह
जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के बंद होने के पीछे जो कारण बताए गए - जैसे मोटर जलना, पाइप फटना, ऑपरेटर विवाद, या बिजली समस्या - वे तकनीकी रूप से मामूली हैं। समय पर निगरानी और जवाबदेही से इन्हें टाला जा सकता था। उन्होंने इसे "प्रशासनिक सुस्ती" करार दिया।
एक सप्ताह की डेडलाइन, स्पष्टीकरण और फील्ड मॉनिटरिंग
कार्यपालक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं से जवाब-तलबी की गई।
सभी अकार्यरत योजनाएं 1 सप्ताह के भीतर चालू करने का आदेश।
अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश।
बिना कनेक्शन वाले टोलों को जल्द योजना से जोड़ने का अल्टीमेटम।
अब ज़िले में कंट्रोल रूम भी सक्रिय
शिकायतों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
1. पटना पूर्व: 0612-2225796
2. पटना पश्चिम: 0612-2280879
(सुबह 10 से शाम 6 तक)
जनता से सीधे फीडबैक लेने की पहल
उप विकास आयुक्त को नियमित जांच और फीडबैक सिस्टम विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि योजना सिर्फ कागज़ों पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह योजना ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ी है। ऐसे में योजनाओं के निष्क्रिय रहने से सिर्फ तकनीकी नहीं, विश्वास का संकट भी पैदा होता है। डीएम की इस सख्ती से यह साफ है कि अब निगरानी और जवाबदेही के नए मापदंड तय होंगे, और प्रदर्शन के आधार पर जिम्मेदारों की भूमिका भी चिन्हित होगी।












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