पटना: पीएम मोदी का सपना पूरा करने के लिए इस महिला ने बेची अपने सुहाग की चूड़ियां

स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए एक महिला ने अपने सुहाग की निशानी चूड़ी को बेचकर शौचालय बनवाने का काम किया।

पटना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान मे जहां देश के अधिकतर लोग स्वच्छता की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री के सात निश्चय बिहार योजना को सफल बनाने के लिए एक महिला ने अपनी सुहाग की निशानी चूड़ी को बेचकर शौचालय बनाने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपने को साकार करने तथा भारत को स्वच्छ बनाने के लिए इस महिला ने शौचालय बनाने का निर्णय लिया। लेकिन, आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के पास शौचालय बनाने का पैसा नहीं था। पैसे के अभाव के कारण कई महीनों से इन लोगों का सपना साकार नहीं हो रहा था। जिसे देखते हुए बिहार के समस्तीपूर की रहने वाली सलमा ने अपनी सोने की चूड़ी सुनार के हाथों बेच स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए शौचालय का निर्माण करवाया है।

पटना: पीएम मोदी का सपना पूरा करने के लिए इस महिला ने बेची अपने सुहाग की चूड़िया

बता दें कि महिलाएं अपने हाथों की चूड़ी को सुहाग की सबसे बड़ी निशानी समझती है लेकिन, बिहार के समस्तीपुर जिला के पूसा प्रखंड के कुंवारी पंचायत की रहने वाली सलमा ने इसे बेच शौचालय बनाने का काम किया है। वह वाकई सराहनीय है। इसके बारे में सलमा का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से है। उसके पति पड़ोस के ही बाजार में ठेले पर भुजा बेचने का काम करते हैं। भुजा बेच कर जो कमाई होती है उसी से ही परिवार का खर्च चलता है। कमाई इतनी नहीं होती कि आगे कुछ किया जाए। लेकिन शुरू से ही हम लोगों का मन भारत को स्वच्छ बनाने तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय कार्यक्रम को सफल बनाने का था।

लेकिन पैसे के अभाव में शौचालय बनाने का काम पूरा नहीं हो पा रहा था। जिसे देखते हुए हमने अपने हाथों की दोनों चूड़ी सुनार के हाथों बेच कर शौचालय बनवाया है। वहीं, सलमा के पति इस्लाम का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा हमारे गांव के इस वार्ड को सात निश्चय योजना की शुरुआत करने के लिए चुना गया था। इससे पहले हम लोग शौच के लिए खेतों में जाया करते थे। लेकिन, जब से हमारे गांव को सात निश्चय योजना की शुरुआत करने के लिए चुना गया तभी से घर में शौचालय बनाने का मन था। लेकिन, पैसे के अभाव में पूरा नहीं हो पा रहा था। पैसे की अभाव को देखते हुए हमारी पत्नी ने अपने हाथों की चूड़ी बेच कर शौचालय बनाने का फैसला किया और इसे पूरा भी किया है।

एक गरीब परिवार के द्वारा स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए किया गया यह काम को देखकर जिले के पदाधिकारी काफी खुश नजर आ रहे हैं। वहीं, जिले के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसा जुनूनी परिवार आजकल के जमाने में बहुत कम देखने को मिलता है। इस परिवार के द्वारा किया गया काम काफी सराहनीय है और जल्द से जल्द सरकार के द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि इन्हें उपलब्ध करवाई जाएगी। ये भी पढे़ं: राजस्थान: रोजाना करो शौचालय का इस्तेमाल, हर महीने पाओ 2500 रुपए

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