बिहार कांग्रेस के बाद जेडीयू में उथल-पुथल, नीतीश को झटका देने की तैयारी में पार्टी के नेता
जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि जेडीयू हमेशा से ही दलित विरोधी है। जेडीयू पर हमला करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा।
पटना। कुछ दिन पहले बिहार कांग्रेस में कुछ ठीक ठाक ना होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद पूरे बिहार कांग्रेस में उथल-पुथल मच गई, उसी तरह अब बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू में अब ये सुगबुगाहत तेज है। पार्टी के दो चर्चित और बड़े नेता पार्टी में अहमियत ना मिलने को लेकर परेशान हैं और नीतीश को झटका देने की कोशिश में लग चुके हैं। तो दूसरी तरफ बिहार सरकार के खिलाफ विपक्ष में बैठी पार्टी सत्ता का समीकरण तोड़ने की कोशिश में लगी हुई है। हालाकि सत्ता का समीकरण नीतीश और बीजेपी के हाथों में है, जिसकी वजह से वो कुछ बिगाड़ पाने की हालत में नहीं है लेकिन विपक्ष के लोगों की नजर अब नीतीश के ऐसे नेताओं पर है जो पार्टी में अपनी अहमियत ना मिलने के कारण परेशान है।

अब जेडीयू में उथल-पुथल
वहीं दूसरी तरफ जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि जेडीयू हमेशा से ही दलित विरोधी है। जेडीयू पर हमला करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। पार्टी के दो वरिष्ठ नेता बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और पूर्व मंत्री और जेडीयू के विधायक श्याम रजक ने कहा कि कलम और कागज के साथ पावर भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के हाथ में है लेकिन मैं अपनी आवाज और दलित-महादलितों की आवाज को उठाऊंगा। तो दूसरी तरफ बिहार में महागठबंधन सरकार टूटने के बाद पार्टी से बागी हुए शरद यादव की तारीफ करते हुए इन दोनों नेताओं ने कहा कि उनके साथ हमने 18 साल तक काम किया है। जब मुझे शरद के साथ जाना होगा तो सब के साथ जाऊंगा।

नीतीश को झटका देने की तैयारी
जेडीयू के उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक दोनों दलित नेता के रूप में जाने जाते हैं। दलितों के वोट बैंक को लेकर पार्टी में उनकी जगह कुछ खास है लेकिन पिछले कई महीनों से पार्टी में हो रही उपेक्षा से दोनों खासे नाराज हैं। उदय नारायण चौधरी के तेवर से साफ है कि उन्हें कार्रवाई की कोई चिंता नहीं है। वहीं जेडीयू के द्वारा पार्टी के खिलाफ बागी तेवर दिखाने के आरोप में उदय नारायण चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने का संकेत भी दिया है। इस बात का संकेत देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि किसी भी नेता को पार्टी लाइन से बाहर नहीं जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर ये बात गई है और उचित फैसला लिया जाएगा।

'आरक्षण' को बनाया हथियार
उल्लेखनीय है कि सोमवार को पार्टी के विधायक और राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक के साथ-साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए कहा कि वंचित समाज को मुख्य धारा में लाने का डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी का जो सपना था, वो देश की आजादी के सात दशक बाद भी पूरा नहीं सका है। वंचित समाज आज भी कूड़े के ढेर से अनाज चुनकर पेट की भूख मिटा रहा है। श्याम रजक ने ये भी कहा था कि हम सरकार की मंशा पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। मगर जिनको नीति लागू करना है उनकी नियत में खोट है। लेकिन हम लोग चुप नहीं बैठेंगे जो आरक्षण खत्म करने की बात कर रहे हैं, हम उनके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और जिला से प्रखंड स्तर तक जाकर इसके बारे में लोगों को हकीकत बताएंगे।












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