Operation Sindoor: एक महीने पहले थोड़े वक्त के लिए आए थे घर, अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गए शहीद सिकंदर
Operation Sindoor: दुश्मन से लोहा लेते हुए बिहार के एक और लाल को शहादत नसीब हुई है। नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र के उत्तरथू गांव के रहने वाले सीमा सुरक्षा बल के जवान सिकंदर राउत 13 मई को शहीद हो गए। इस ख़बर के बाद से ही उनके परिवार और गांव में मातम पसरा है।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात सिकंदर राउत एक महीने पहले ही कुछ समय के लिए घर लौटे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। देश की सेवा के प्रति उनके समर्पण पर परिवार के लोग और पूरे समुदाय को गर्व है। सिकंदर की शादी 10 साल पहले हुई थी, वह अपने पीछे आठ और चार साल के दो बेटों को छोड़ गए हैं।

सिकंदर अपने परिवार के सबसे लाड़ले थे, चार भाई-बहनों में सिकंदर राउत सबसे छोटे थे। स्थानीय प्रशासन वर्तमान में 15 मई, 2025 को उनके गांव में राजकीय सम्मान के साथ शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहा है। सिकंदर राउत की शहादत ने न केवल उनके परिवार और गांव को दुखी किया है, बल्कि पूरे बिहार में गर्व की भावना भी जगाई है।
सिकंदर का बलिदान इस क्षेत्र के अन्य सैनिकों, जैसे छपरा के मो. इम्तियाज और सीवान के रामबाबू सिंह, की कहानियों में शामिल हो गया है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्र शोक मना रहा है, सिकंदर राउत की कहानी उन लोगों के साहस और बलिदान का प्रमाण है जो सेवा करते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के सम्मान के लिए वीरता की विरासत छोड़ जाते हैं।
देश में नफरत के माहौल को ख़त्म कर प्यार और मोहब्बत से सभी धर्म के लोगों को एकजुट होकर रहना होगा। दुश्मन यही चाह रहे कि हम लोग आपस में लड़ें और वह अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो जाए। दुश्मनों को मोदी सरकार सबक सिखाएगी, जवानों की शहादत खाली नहीं जाएगी।












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