बिहारः पहले दिन ही मंत्रीजी की हुई किरकिरी, प्रधान सचिव नहीं आईं तो चपरासी ने भेंट किया गुलदस्ता
पटना। बीजेपी कोटे से मंत्री बने माननीय जनक राम की पहले दिन ही विभाग में भारी बेइज्जती हो गई । नवनिर्विाचित मंत्री पूरे लाव-लश्कर के साथ कुर्सी संभालने गए थे लेकिन वहां जाकर उन्हें भारी बेइज्जती का सामना करना पड़ा। मंत्री जी अपने विभाग के प्रधान सचिव का इंतजार करते रहे लेकिन हाकिम तो हाकिम ठहरी उन्हें तो किसी का डर ही नहीं। अपनी भारी बेइज्जती होते देख मंत्री ने चपरासी से गुलदस्ता लिया और कहा कि प्रधान सचिव पर एक्शन लेंगे।

बीजेपी के पूर्व सांसद जनक राम को इस बार भाजपा ने मंत्री बनवाया है। जनक राम को खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग में पूर्व सूचना देकर वे पदभार ग्रहण करने गये थे। खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम बुधवार को नियत समय पर चार्ज लेने अपने विभाग पहुंचे थे।
इसकी सूचना उन्होंने विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर को भिजवा दी थी। लेकिन वो नहीं पहुंची। सरकारी परंपरा रही है कि मंत्री पदभार ग्रहण करने पहुंचते हैं तो उनके स्वागत में प्रधान सचिव मौजूद रहते हैं। मंत्री जब दफ्तर में पहुंचे तो प्रधान सचिव का अता-पता नहीं था।
मंत्री जनक राम को लगा कि प्रधान सचिव कुछ देर में पहुंच जाएंगी। लिहाजा वे इंतजार करने लगे। दफ्तर के कुछ लोगों ने प्रधान सचिव को फोन भी मिलाना शुरू किया लेकिन कोई फर्क नहीं पडा। बता दें, जनक राम पहली बार भाजपा में वर्ष 2014 में शामिल हुए थे।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा से जनक राम को भाजपा में शामिल किया गया था और वो पार्टी के उम्मीदों पर खरा उतरे। तब जनक राम ने रिकॉर्ड 2 लाख 74 हजार मतों से बम्पर जीत दर्ज की थी। जनक राम चमार जाति से आते है और वो अपने नाम में जनक चमार ही लिखते हैं। वर्ष 2019 में गोपालगंज लोकसभा सीट जदयू कोटे में चली गयी। उनका टिकट कट गया लेकिन बम्पर जीत दर्ज करने वाले जनक राम ने पार्टी के खिलाफ कोई बगावत नहीं की और वो पार्टी के प्रति वफादार बने रहे।
वो भाजपा में दलित प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और पार्टी के स्टार कैम्पेनर भी हैं। इस बार पार्टी ने जनक राम को बड़ी जिम्मेदारी दी है और अब वे नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनाए गए हैं।












Click it and Unblock the Notifications