Nitish Kumar ने इस्तीफा देते वक्त क्या कहा आखिरी पोस्ट में? जाति को लेकर कही दिल की बात

Nitish Kumar Resignation Last Post Message: बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार यानी 14 अप्रैल को पद से इस्तीफा दे दिया। सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया।

इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में भावुक होकर बिहार के विकास सफर को याद किया। उन्होंने जो कुछ कहा, वह उनके दिल की बात थी। 2005 से शुरू हुए सफर, सभी वर्गों का विकास और आगे की राह। आइए जानते हैं इस्तीफा देते वक्त नीतीश ने अपने पोस्ट के जरिए क्या-क्या कहा?

nitish-kumar-resignation

उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर नीतीश का आखिरी संदेश (दिल की बात) लिखी। कहा कि 2005 में मैं सरकार में आया। जहां तक मुझसे हो सका, मैंने किया। नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा। 24 नवंबर 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से यहां कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया। हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो, सभी के लिए काम किया गया है।

इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पांच सालों यानी 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार के विकास में केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

नीतीश ने पोस्ट में लिखा कि हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है। हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे। इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं तथा शुभकामनाएं देता हूं।'

नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली थी। संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक राज्य विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ी। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया। आज (14 अप्रैल) सुबह उन्होंने आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश की। बैठक के बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे। नई सरकार का नेतृत्व बीजेपी के सम्राट चौधरी के हाथ में आने की पूरी संभावना है। 4 बजे के बाद उनके नाम का औपचारिक ऐलान हो सकता है। इससे पहले जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे।

यह इस्तीफा क्यों मायने रखता है?

  • 20 साल का दौर खत्म: नीतीश कुमार 2005 से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे। उन्होंने 'सुशासन' का मॉडल दिया, कानून-व्यवस्था सुधारी और विकास योजनाएं शुरू कीं। 7 निश्चय-3 जैसे कार्यक्रमों से बिहार को 2030 तक टॉप राज्य बनाने का रोडमैप तैयार किया।
  • राजनीतिक बदलाव का नया अध्याय: नीतीश के इस्तीफे के बाद बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा। यह NDA के अंदर सत्ता संतुलन का बड़ा शिफ्ट है।
  • नीतीश का संदेश साफ: उन्होंने न सिर्फ अपनी उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि नई सरकार को पूरा सहयोग देने का वादा किया। यह दिखाता है कि वे अब संसद में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए भी राज्य की प्रगति में सक्रिय रहेंगे।
  • बिहार के लिए क्या मतलब? 20 साल बाद सत्ता परिवर्तन हो रहा है, लेकिन नीतीश ने साफ कहा कि विकास का सफर जारी रहेगा। नई सरकार को उनके मार्गदर्शन की जरूरत पड़ेगी।

अब बिहार में सीएम पद पर सम्राट चौधरी के नाम पर लगभग मुहर लग गई है। नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण कल यानी 15 अप्रैल को हो सकता है।

Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार को इन 5 योजनाओं ने बनाया देश का 'सुशासन बाबू', केंद्र ने भी किया लागू
Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार को इन 5 योजनाओं ने बनाया देश का 'सुशासन बाबू', केंद्र ने भी किया लागू
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+