Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार को इन 5 योजनाओं ने बनाया देश का 'सुशासन बाबू', केंद्र ने भी किया लागू
Nitish Kumar Resignation: बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल का दिन महत्वपूर्ण है। लगभग दो दशक तक प्रदेश की राजनीति के धुरी रहे नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल को केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि नीतिगत सुधारों के लिए भी याद किया जाता है। खास बात यह रही कि उन्होंने जो कई योजनाएं बिहार में शुरू कीं, वही बाद में पूरे देश के लिए मॉडल बन गईं।
सामाजिक कल्याण और महिला विकास से जुड़ी योजनाओं ने नीतीश की छवि 'सुशासन बाबू' के तौर पर बनाई। 2013 के बाद से कई बार पाला बदलने के बावजूद नीतीश बिहार के एक बड़े वर्ग और खास तौर पर महिलाओं के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प रहे थे।

Nitish Kumar Resignation: लोक कल्याण की योजनाओं से बनी पहचान
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का जिक्र हमेशा ही उनकी लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। महिलाओं के लिए खाते में सीधे रकम ट्रांसफर करने से लेकर लड़कियों को 12वीं पास करने और ग्रेजुएशन पर मिलने वाली सहायता राशि जैसी योजनाओं ने जनता के बीच लोकप्रिय बनाया। खास तौर पर महिलाओं के लिए नीतीश एक विकल्प नहीं, बल्कि भरोसे का प्रतीक बन गए।
Nitish Kumar ने शुरू की फ्री साइकल योजना
सबसे पहले बात करते हैं छात्राओं के लिए शुरू की गई साइकिल योजना की। इस योजना के तहत लड़कियों को स्कूल जाने के लिए साइकिल दी गई, जिससे उनकी शिक्षा में बड़ी बढ़ोतरी हुई। बाद में कई अन्य राज्यों और केंद्र सरकार ने भी इस तरह की योजनाओं को अपनाया, जिससे बालिका शिक्षा को मजबूती मिली।
मिड-डे मील योजना देश भर में लागू
इसी तरह मिड-डे मील योजना को बिहार में प्रभावी ढंग से लागू किया गया। हालांकि इसकी शुरुआत पहले हो चुकी थी, लेकिन नीतीश कुमार ने इसे जमीन पर मजबूत किया। बाद में यह योजना पूरे देश में स्कूली बच्चों के पोषण सुधार का बड़ा माध्यम बनी।
जीविका मॉडल अपनाया कई और राज्यों ने
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई जीविका (स्वयं सहायता समूह) पहल भी एक बड़ा कदम था। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। बाद में केंद्र सरकार ने भी स्वयं सहायता समूहों के मॉडल को बड़े स्तर पर अपनाया।
हर घर नल योजना
हर घर नल-जल योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पानी पहुंचाने की पहल की गई। यह योजना बाद में केंद्र सरकार की 'जल जीवन मिशन' जैसी योजनाओं का आधार बनी, जिससे पूरे देश में पेयजल की पहुंच बढ़ी।
सामाजिक न्याय की दिशा में Nitish Kumar ने महादलित वर्ग की पहचान कर उनके उत्थान के लिए विशेष योजनाएं शुरू कीं। यह कदम समाज के सबसे पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
पंचायती चुनाव में महिलाओं को आरक्षण
इसके अलावा, पंचायती राज में महिलाओं को 50% आरक्षण देने का फैसला भी ऐतिहासिक रहा। बाद में कई राज्यों ने इसे अपनाया और महिला नेतृत्व को मजबूत किया। नीतीश कुमार का कार्यकाल केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी नीतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर असर डाला। यही वजह है कि उनके इस्तीफे के बाद भी उनकी नीतिगत विरासत चर्चा में बनी हुई है।












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