Bihar News: बिहार सरकार को जातिगत सर्वे के मामले में फिलहाल मिली राहत, 29 के बाद होगी सुनवाई
Bihar News: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र देश भर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पक्ष विपक्षी के जुबानी जंग बीच बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। जातीय सर्वे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया।
बिहार सरकार द्वारा पब्लिक डोमेन पर डाले गए आंकड़ों की श्रेणी सुप्रीम कोर्ट ने सवाल भी उठाया है। इस मामले में सुप्रीम सुनवाई में कहा गया कि, इस पर सुप्रीम कोर्ट फ़ैसला लेगा कि पटना हाईकोर्ट से इजाज़त मिलने के बाद किस हद तक डाटा को पब्लिक डोमेन पर अपलोड किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में 29 जनवरी 2024 के बाद सुनवाई कर सकता है। आपको बता दें कि याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में कहा कि सर्वे के प्रकाशित डाटा के मुताबिक रिज़र्वेशन को 50 फ़ीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी के क़रीब तक किया गया है। पटना हाई कोर्ट में इस मामले में चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत के लिए जल्द सुनवाई की मांग भी, लेकिन कोर्ट ने इस मामले को सुरक्षित रखते हुए 29 जनवरी के बाद सुनवाई पर की बात कही है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सर्वे के डेटा को कैटेगाराइज़ कर पब्लिके लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सर्वे के जगह हम लोगों की चिंता इस बात की ज्यादा है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र की तऱफ़ से SG तुषार मेहता ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा कराये गए जातिगत सर्वे को जनगणना नहीं कहा जा सकता है। आपको बता दें कि कोर्ट में इससे पहले केंद्र सरकार जवाब में दाखिल कर चुकी है। अपने जवाब में केंद्र सरकार ने कहा था जनगणना जैसी प्रकिया कराने का अधिकार सिर्फ केन्द्र के पास ही है।












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