Bihar Politics: बिहार सरकार की महिला मंत्री ने चढ़ाया सियासी पारा, अक्षत वितरण पर उठाये सवाल
Bihar Politics: अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा (राम मंदिर) कार्यक्रम होने जा रहा है। देश भर में अयोध्या में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर धूम है, दूर-दूर से लोग समारोह में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सियासी बयानबाज़ी भी जारी है।
बिहार सरकार के मंत्रियों के कथित तौर पर विवादित बयान भी सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार की महिला मंत्री अनीत देवी के बयान से सियासी पारा चढ़ गया है। महिला मंत्री अनीता देवी ने भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अक्षत वितरण पर सवालिया निशान लगाया है।

महिला मंत्री अनिता देवी ने कहा कि अक्षत बांटने के नाम पर घर-घर में ग़रीबों का शोषण किया जा रहा है। आज गरीबों के घर में अक्षत देने की बजाये संविधान की कॉपी देनी चाहिए। इससे गरीब और पिछड़े लोग अपने हक को जानेंगें और उसकी लड़ाई लड़ेंगे।
अनीता देवी ने कहा कि देश भर में 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के आने का प्रचार किया है। ऐसा महसूस हो रहा है कि ज़मीन पर इससे पहले कभी भगवान राम आये ही नहीं थे। पहली बार 22 जनवरी को भगवान श्रीराम आ रहे हैं।
महिला मंत्री ने प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर अक्षत बांटने को पाखंड बताते हुए कहा कि इसकी जगह पर संविधान की कॉपी का वितरण होना चाहिए था। अक्षत वितरण के नाम पर गरीबों का शोषण किया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले डिहरी से राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह द्वारा आयोजित समारोह में बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने भी तल्ख बयानबाज़ी की थी।
अब पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनीता देवी के बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। वहीं लोगों का कहना है कि सियासत अपनी जगह है, धर्म और आस्था अपनी जगह है। सियासी बयानबाज़ी के चक्कर में महागठबंधन के नेता हिंदू समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्हें सार्वजनिक मंच से माफी मांगनी चाहिए।












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